फतेहगंज पश्चिमी। गांव सिरसा जागीर में झोंपड़ी में बंधी एक पड़िया को शुक्रवार रात किसी वन्यजीव ने निवाला बना लिया। शनिवार सुबह घटना सामने आने पर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। हालांकि सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बाघ, तेंदुए के पगचिह्न होने से इन्कार किया है।
गांव निवासी नत्थू लाल ने बताया कि वह जब सुबह उठे तो उन्हें पड़िया का अवशेष मिला। इसकी जानकारी होने पर ग्रामीणों में दहशत फैल गईं। ग्रामीणों ने कई टीम बनाकर पगचिह्न के सहारे उसे काफी तलाशने की कोशिश की, लेकिन कोई वन्यजीव नहीं मिला। ग्राम प्रधान अनुज सिंह की सूचना पर वन विभाग के रेंजर संतोष कुमार मठपाल ने टीम के साथ जांच-पड़ताल की। पगचिह्न को देखकर ग्रामीणों को बताया कि बाघ और तेंदुए आमतौर पर गर्दन पर हमला करके जानवर का शिकार करते है। पीछे से हमला नहीं करते। पड़िया पर पीछे से हमला किया गया है। इसके अलावा झोंपड़ी में बकरी भी बंधी हुई थी, जिसे शिकार नहीं बनाया गया। हमला सियार या जंगली कुत्तों द्वारा किया गया प्रतीत होता है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और रात में पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्कता बरतने की अपील की है। संवाद