बरेली। विकास भवन सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में सांसदों व विधायकों के साथ ब्लाॅक प्रमुखों ने खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठाया। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि सीवर लाइन के लिए सड़क खोदकर डाल दी जाती है, लेकिन ठीक कराने में देरी होती है। जनता तकलीफ उठाती है। ऐसा क्यों होता है।
अफसरों ने इसकों कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों पर टालने का प्रयास किया तो डीएम शिवाकांत द्विवेदी ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद जल निगम की अधिशासी अभियंता कुमकुम गंगवार ने कहा कि अगर सड़क खोदी जाएगी तो उसे पहले की स्थिति में लाया जाएगा। अगर कहीं पर खोदाई हुई है और सड़क ठीक नहीं कराई गई तो उसे देखकर खुद कराएंगे। नगरीय क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के लिए खोदी गई सड़कों से जनता को हो रही परेशानी का मुद्दा उठा तो नगर आयुक्त ने परेशानी को स्वीकार किया और भरोसा दिया कि बारिश शुरू होने से पहले सड़कें ठीक हो जाएंगी। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता नारायण सिंह ने बताया कि कुछ सड़कों के लिए बजट मांगा गया है। कुछ पर काम कराया जा रहा है। बनने के दो-तीन महीने में सड़कें उखड़ने का मुद्दा भी जनप्रतिनिधियों ने उठाया।
बैठक में सांसद संतोष कुमार गंगवार, धर्मेंद्र कश्यप एवं जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, बिथरी चैनपुर के विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, फरीदपुर डॉ. श्याम बिहारी लाल, नवाबगंज के एमपी आर्य, कैंट के संजीव अग्रवाल, मीरगंज के डॉ. डीसी वर्मा, भोजीपुरा के शहजिल इस्लाम, एमएलसी हरि सिंह ढिल्लो, कुवंर महाराज सिंह व डॉ. दिनेश जौहरी, ब्लाक प्रमुख हरेंद्र पटेल, मुख्य विकास अधिकारी जग प्रवेश, जिला विकास अधिकारी अरुण सिंह, उप निदेशक कृषि दीदार सिंह समेत अधिकतर जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
इन सड़कों का मुद्दा उठा
अटामांडा से धौराटांडा तक की सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, ढकनी से जवाहरगंज की जर्जर सड़क और बिथरी चैनपुर से बीसलपुर रोड व चौपुला पुल के नीचे की सड़क के अलावा डेलापीर से संजय नगर को जोड़ने वाली जर्जर सड़क का मुद्दा उठाया गया।
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालन कराने के निर्देश
बैठक में विधायकों ने कहा कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए गए, लेकिन वह ठीक से संचालित नहीं हुए। डीएम ने सीएमओ से कहा- तत्काल संचालन कराएं। वहीं सरकारी धन से आवास बनाए गए आवास आवंटित नहीं होने का भी मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा शाही व क्लोलड़िया क्षेत्र के बिजली विभाग के दो अभियंताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। जिस पर अधीक्षण अभियंता को कार्रवाई के आदेश दिए गए।