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एसडीएम तहसील में तैनात हैं तो शहर में क्यों है आवास

Thu, 08 Sep 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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डीएम ने तहसीलदार और एसडीएम पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इन अधिकारियों से कहा है कि उनकी तहसीलों में तैनाती है तो शहर में आवास लेकर क्यों रह रहे हैं। शहर में रह रहे इन एसडीएम और तहसीलदारों को तहसीलों में रहने के निर्देश दिए हैं जिन के पास शहर में सरकारी आवास हैं, उनकोे खाली कराने के बारे में कहा गया है। शासन के निर्देश का हवाला देते हुए कहा है कि तहसील मुख्यालय से आठ किलोमीटर की परिधि में ही अधिकारी आवास बनाकर रह सकते हैं।
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डीएम ने आदेश में कहा है कि जिला मुख्यालय पर एडीएम भी अपने स्तर से बैठक करेंगे तो उसके बारे में डीएम को बताना होगा।  जिससे कि यह पता रहे कि एसडीएम और तहसीलदार तहसील मुख्यालय पर नहीं हैं। वह  जिला मुख्यालय पर बैठक में शामिल होने के लिए गए हैं। एक अन्य आदेश में कहा है कि निरीक्षण और गांवों के सत्यापन की रिपोर्ट के साथ साक्ष्य के रूप में फोटो भी भेजना होगा। जिससे कि स्पष्ट हो कि वह भ्रमण पर हैं। यह आदेश एसडीएम और तहसीलदार के साथ-साथ जिले के अन्य अधिकारियों को भी  दिए हैं। जिले के अधिकतर तहसील स्तरीय अधिकारी शहर के अंदर सरकारी और प्राइवेट आवासों में रह रहे हैं। शायद ही कोई अधिकारी समय से तहसीलों में पहुंचते हों। कई कई दिन तक तो अधिकारी तहसील मुख्यालय पर नहीं जाते हैं। उनके हस्ताक्षर के लिए तहसीलों से लिपिक मुख्यालय पर आते हैं और उनके हस्ताक्षर कराके ले जाते हैं। डीएम के इस आदेश से अधिकारियों में खलबली मच गई है।
डीएम के निर्देश पर एक्शन में आए एसडीएम
डीएम के निर्देश पर बुधवार को एसडीएम भी एक्शन में नजर आए। उन्होंने कुछ ब्लाकों का हाल देखा तो सारा सिस्टम चौपट नजर आया। एसडीएम के इन निरीक्षणों से ब्लाकों पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को डीएम की कुछ हनक तो दिखने लगी है।  
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सीन एक बहेड़ी - 10 बजे
यहां तो 16 कर्मचारी नदारद मिले
एसडीएम बहेड़ी आरएन तिवारी 10 बजे ब्लाक पर पहुंचे तो बांके लाल चौकीदार ही मिला। बीडीओ से फोन पर बात की तो पता चला कि उनके पास तीन ब्लाकों का चार्ज है। आज दमखोदा ब्लाक में जरूरी बैठक करनी है। बाकी कर्मचारियों के गैर हाजिर होने पर वह कुछ नहीं कह सके।
सीन 2- मीरगंज - 10 बजे
दो को छोड़ सभी गैर हाजिर
 एसडीएम पारसनाथ मौर्य को ब्लाक कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक मो. मुर्सलीन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कृष्णपाल को छोड़कर कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिला। एसडीएम ने फोन घनघनाए तो ब्लाक के दर्जन भर कर्मचारी दौड़ते-हांफते दफ्तर पहुंचे। एसडीएम ने वक्त की पाबंदी की सख्त हिदायत दी है। ब्लाक पास के कृषि प्रसार कार्यालय में भी सिर्फ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विपिन प्रताप दिखा। टेक्नीकल असिस्टेंट टेकचंद मंगलवार से गैर हाजिर है। 
सीन तीन- नवाबगंज: 10.10 बजे
 एडीओ सहित कई कर्मचारी गायब
एसडीएम डॉ. अर्चना द्विवेदी को एडीओ पंचायत सहित कई कर्मचारी गैरहाजिर मिले। कार्यालय बंद होने से उन्हें कई कार्यों की जानकारी बीडीओ आर के वर्मा उपलब्ध नहीं करा सके। 
सीन चार: रामनगर: 10.10 बजे 
बीडीओ और चार कर्मी नहीं पहुंचे
आंवला के एसड़ीएम राजेश कुमार को बीडीओ समेत चार कर्मचारी गैर हाजिर मिले। तीन कर्मचारियों की तो मौके पर ही गैर हाजिरी लगा दी। बीडीओ को बताया गया कि उन पर दो ब्लाकों का प्रभार है ,उनके खिलाफ  यह देख कर कार्रवाही की जायेगी कि आज का दिन कौन से ब्लाक में होता है।
यहां दो ही कर्मचारी थे
सीन पांच: फरीदपुर: 10.10 बजे
फरीदपुर की एसडीएम पुष्पा देवरार को ब्लाक में दो कर्मचारी ही मिले। वहां एक घंटे तक और कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। ब्लाक परिसर में बाल विकास परियोजना कार्यालय पर छापा मारा, यहां चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पार्वती ही मौजूद थी। एसडीएम ने फोन करके सीडीपीओ से जानकारी की लेकिन वह अपनी लोकेशन नहीं बता सकीं।
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