बरेली। रंगालय एकडेमी ऑफ आर्ट एंड कल्चर सोसाइटी की ओर से बरेली रंग महोत्सव ‘बरंगम 2025’ का श्री हरि मंदिर बरातघर में दर्शकों भरपूर लुत्फ लिया। इसमें अखिल भारतीय नाट्य प्रतियोगिता में रविवार को दो नाटकों का मंचन किया गया। महोत्सव में सोमवार को भी नाटकों का मंचन किया जाएगा।
अहमदाबाद की संस्था ने नाटक ‘ग्राहक’ का मंचन किया। मुंबई में अच्छा मकान और अच्छे किराएदार बड़ी मुश्किल से मिलते हैं। इसी को लेकर नाटक का तानाबाना बुना गया, जिसमें दिखाते हैं कि एक संतराम भाऊ नाम का दलाल किराएदार को मकान दिखाने लाता है, वो किराएदार राव साहब जोशी जोकि एक क्लर्क होता है उसको घर दिखाता है।
उधर ऊपर वाले फ्लोर पर रहने वाला एक दूसरा किराएदार खांडे राव भल्ला नए किराएदार को भूत बन कर डराता है, पर पकड़ा जाता है।
मकान घूमते वक्त अचानक एक लाश मिलती है, जिसको एक पुराना किराएदार बता का दलाल बोलता है यह वही है जिसने हमसे मकान नहीं लिया था, इसलिए इसको मार दिया। यह सुनकर राव जोशी घबरा कर मकान के एग्रीमेंट पर साईंन कर देता है। राव जोशी कहते हैं कि मैं मकान देखने नहीं घर बनाने आया था, लेकिन अब नहीं रह सकता फिर वो चला जाता है यहीं पर नाटक समाप्त हो जाता है।
दूसरा नाटक नक्श थिएटर फर्रुखाबाद ने लेखक प्रेम सागर सिंह के लिखित नाटक ‘मलेक्ष’ का मंचन किया गया। इसमें जात-पात, छुआ-छूट, ऊंच-नीच सामाजिक विसंगतियों पर जमकर प्रहार किया गया। नाटक का निर्देशन अमित सक्सेना ने किया।
नाटकों के दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. विनोद पागरानी, कमल श्रीवास्तव, महेंद्र पाल राही, दर्शन सिंह रहे। निर्णायक मंडल में नाटककार संजीव कुमार शुक्ला, ऋषि रंजन सिंह, राजेंद्र सिंह रहे। संचालन व संयोजन शैलेंद्र आजाद का रहा। सहयोगियों सुशील सक्सेना, मोहित सक्सेना, हरिओम, शालिनी गुप्ता, मानस सक्सेना, राजीव श्रीवास्तव, सचिन श्याम भारती का रहा। संवाद न्यूज एजेंसी