शाही। शाही-भिटौरा मार्ग की पर जगह-जगह गड्ढों हैं। इनमें फंसकर वाहन सवार हादसों का शिकार हो रहे हैं। कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। परेशान लोगों ने सड़क की मरम्मत कराने की गुहार अधिकारियों से कई बार लगाई है। एक साल तक मांग पूरी न होने पर जनता ने ही कमान संभाल ली। गड्ढों में बुधवार को रोड़ा डालकर अनदेखी का जवाब दिया।
शाही-भिटौरा मार्ग से गुजरने वाले ग्रामीणों के मुताबिक, इस रोड से फतेहगंज, मीरगंज और बरेली जाने के लिए आवागमन होता है। इसपर 10 किलोमीटर तक अनगिनत गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों में फंसकर कई वाहन अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं। इस कारण कई सवार घायल हो चुके हैं और कई की जान भी जा चुकी है। लोगों ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इस मार्ग की मरम्मत कराने की मांग कई बार की लेकिन गुहार काम न आई। इस संबंध में डीएम को भी 16 मई को ज्ञापन दिया गया था। उन्होंने विभाग को 15 दिन में गड्ढे भरवाने का निर्देश दिया था, उसका पालन भी नहीं किया गया। ग्रामीणों ने गड्ढों के आसपास कुर्सियों और डंडों से रोधक बनाकर भी विरोध जताया। इसके बाद भी मार्ग की मरम्मत न होने पर समाजसेवी डॉ. तारिक यार खान ने निजी खर्च पर ट्रॉली में ईंटों का रोड़ा मंगवाया। स्थानीय लोगों की मदद से रोड़ा डालकर गड्ढे भरे और प्रशासन की अनदेखी का जवाब दिया। उन्होंने कहा, जो काम विभाग को करवाना चाहिए था, उसके लिए जनता को जेब ढीली करनी पड़ रही है। सावन में हरिद्वार और कछला घाट जाने के लिए कांवड़ यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं। आगे हादसे न हों, इसके लिए विभाग से स्थायी समाधान की मांग फिर की है।
हाल में हुए हादसे
एक सप्ताह पहले शाही से बरेली जा रहे डॉ. अहमद खान की कार गड्ढे में फंस गई। हादसे में कार के दोनों टायर खराब हो गए। रिम भी टूट गया। दो दिन पहले डॉ. तारिक यार खान की कार भी फंसी थी। टायर क्षतिग्रस्त हो गया था। बगरऊ निवासी कृष्ण पाल, खरसैनी के पीतम समेत कई बाइक सवार गड्ढों के कारण गिरकर घायल हो चुके हैं। यहां हादसे में घायल हुए गांव कुलछा के राहुल (18) समेत कुछ अन्य लोगों की मौत हो चुकी है।
वर्जन,
ठेकेदार से कई बार काम करने को कहा गया है लेकिन काम नहीं किया है। इसकी क्या वजह है, उसका पता लगाकर जांच कराई जाएगी। गड्ढे भरना काम तो हमारा है। - भरत सैनी, एक्सईन, पीडब्ल्यूडी