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पुराना शहर में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकला तो सही बस रस्म ही अदा हुई

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सैलानी से निकाले गए उर्स में शामिल लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर कार और बाइक का कालिफा निकालकर अदा की गई रस्म

बरेली। ईद मिलादुन्नबी की पूर्व संध्या पर पुराना शहर में सांकेतिक तौर पर जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इसमें कोविड-19 के चलते पैदल जुलूस के बजाय कार और बाइक का काफिला निकालकर रस्म अदायगी की गई।
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इस मौके पर पुराना शहर के प्रमुख मार्ग मीरा की पैठ से श्यामगंज तक शानदार सजावट की गई। रंग बिरंगी बिजली की झालर, हांडियां, ट्यूब लाइट की रोशनी और सिर पर पन्नी की झिलमिलाती लड़ियों की चादर नबी की आमद का इस्तकबाल कर रहीं थीं। इसी बीच शाम ढले जुलूस-ए-मोहम्मदी की रस्म अदा की गई। इसमें 18 कारों और 10 से 12 बाइकों का काफिला निकाला गया, जो खानकाह तहसीनिया के सज्जदानशीन मौलाना हस्सान रजा खां की कयादत में रवाना हुआ।
अंजुमन इत्तेहादुल मुस्लिमीन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व में तिलावते कुरान से की गई। इसके बाद अंजुमन की ओर से जुलूस का परचम कमर चिश्ती को सौंपा गया। जिसे गाड़ियों के काफिले के सबसे आगे जीप पर लिया गया। यह काफिला जुलूस के परंपरागत मार्गों से होता हुआ वापस मुन्ना खां की नीम पर स्टेज तक पहुंचकर संपन्न हुआ। यहां फातिहा के बाद कायदे जुलूस हस्सान मियां ने दुआ की। कार्यक्रम का संचालन तारिक सईद ने किया। इस दौरान कमेटी के नवाब मुजाहिद हसन खां, इमशाद हुसैन, हाफिज नियाज अहमद, अंजुम शमीम, मोहम्मद उस्मान, इकरार अहमद आदि मौजूद रहे।
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