फरीदपुर। मकान से कब्जा हटवाने के लिए मां-बेटी पुलिस-तहसील प्रशासन के दफ्तरों की चक्कर काट रही हैं, लेकिन तीन वर्ष बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला। तहसील परिसर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम की अनुपस्थिति में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बरेली कु. देवयानी यादव पहुंचीं। वहां सुनवाई के दौरान युवती अपने मां के साथ पहुंची और टेबल पर अपना सिर पटक दी, जिससे वह चोटिल हो गई। युवती ने अपनी समस्याओं को रखा, लेकिन वहां उसे कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला।
नगरिया विक्रम की पुष्पा ने सीडीओ को बताया कि उसका पैतृक मकान गांव में है। दबंगों ने उसके पिता के नाम से फर्जी कागज बनवाकर उस पर कब्जा कर लिया है। अब उसके पिता की मौत हो चुकी है। वह अपनी मां के साथ दर-दर भटक रही है। उनके पास रहने के लिए मकान भी नहीं बचा है। वह तीन वर्षों से न्याय की उम्मीद में पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है।
उसने आरोप लगाया कि पुलिस व प्रशासन दबंग से मिला हुआ है। इसी वजह से उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है। संपूर्ण समाधान दिवस में सीडीओ के सामने अपनी बातें कहते हुए टेबल पर अपना सिर तेजी से मारने लगी। उसे रोकने के लिए वहां मौजूद अधिकारी व महिला पुलिस दौड़ी और उसे कुर्सी पर बैठा दिया। सिर तेजी से टेबल में लगने के कारण वह चोटिल हो गई। न्याय की गुहार लगाती हुई वह फूट-फूट कर रोती रही और उसकी मां उसे चुप कराती रही। हालांकि अधिकारियों ने उसकी समस्या के समाधान का कोई आश्वासन नहीं दिया। परेशान मां-बेटी संपूर्ण समाधान दिवस समाप्त होने तक फरियाद लिए बैठी रहीं। संवाद
आधार कार्ड बनाने के नाम पर हो रही वसूली
समाधान दिवस में भाजपा नेता शिवओम शर्मा ने शिकायती पत्र दिया और आरोप लगाया कि डाकघर में बना रहे आधार कार्ड संशोधन के नाम पर एक हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक की वसूली की जा रही है। उन्होंने बताया कि नगर के लाइनपार मठिया निवासी मंजू देवी पत्नी मोरपाल अपनी जन्मतिथि सही करने गई तो उनसे आधार कार्ड संशोधन करने के बदले तीन हजार रुपये वसूले गए। इस दौरान 212 फरियादी पहुंची, जिनमें 10 शिकायतों का मौके पर निस्तारण करा लिया गया। इस मौके पर एसडीएम फरीदपुर मल्लिका नैन, तहसीलदार सुरभि राय, नायब तहसीलदार शुभम पाण्डेय, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह आदि मौजूद रहे।