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बच्चे ने रंग डाला तो गलतफहमी में भिड़ गए दो गुट, मारपीट, पथराव

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मारपीट - फोटो : अमर उजाला
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एक निजी अस्पताल में भी की गई तोड़फोड़, जिला पंचायत सदस्य और अस्पताल संचालक ने एक-दूसरे के खिलाफ दी तहरीर

नवाबगंज। टेंपो में बैठे एक ग्रामीण पर बच्चे के रंग डाल देने के बाद दो पक्षों में ऐसी गलतफहमी हुई कि दोनों में जमकर लाठियां चलीं। पथराव भी किया गया। एक अस्पताल में तोड़फोड़ के बाद अस्पताल संचालक ने जिला पंचायत सदस्य के पति और परिवार के खिलाफ तहरीर दी। वहीं, जिला पंचायत सदस्य ने भी अस्पताल कर्मचारियों और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ तहरीर दी है।
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पैगा गांव के रामौतार टेंपो से नवाबगंज में होली का सामान खरीदने आ रहे थे। टेंपो जैसे ही नगर के एक निजी अस्पताल के सामने पहुंचा, तभी किसी बच्चे ने रंग डाल दिया। रामौतार कपड़ों पर रंग गिरने से नाराज होकर टेंपो से उतरने लगे, तभी ठोकर लगने से मुंह के बल सड़क पर गिर पडे़। उनके मुंह से खून निकलने लगा। यह देख मेडिकल स्टोर संचालक अनुज गंगवार उन्हें उठाकर अस्पताल ले जाने लगे। इसी बीच बीजामऊ गांव के मोहित अपने चाचा जयकिशन और बडे़ भाई के साथ इसी अस्पताल से मरीज देखकर लौट रहे थे। मोहित ने समझा कि अनुज, रामौतार को पीट रहे हैं। मोहित के विरोध जताने पर अनुज ने बताया कि वह तो घायल रामौतार की मदद कर रहे हैं। उस वक्त रामौतार बोलने की स्थिति में नहीं थे। कहासुनी बढ़ी तो अनुज और मोहित भिड़ गए। दोनों पक्षों में जमकर लाठियां चलीं और फिर पथराव होने लगा। अनुज को अकेला पड़ता देख अस्पताल कर्मी नीतू वाल्मीकि, सीमा वाल्मीकि और रामवती उन्हें बचाने आ गए। तब मोहित पक्ष ने उन पर भी हमला कर दिया। अस्पताल में भी तोड़फोड़ की।
मोहित की पत्नी जिला पंचायत सदस्य नीरू सागर भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने पति, चचिया ससुर और जेठ को अस्पताल में बंद करके पीटने और जातिसूचक शब्द का प्रयोग करने का आरोप लगाकर तहरीर दी। दूसरी ओर से अनुज के भाई अस्पताल संचालक डॉ. एके गंगवार ने मोहित आदि के खिलाफ मारपीट और तोड़फोड़ की तहरीर दी। इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार पचौरी ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर मिली है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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