बरेली। सिविल लाइंस में करोड़ों की वक्फ प्राॅपर्टी के फर्जी दस्तावेज तैयार कर नामांतरण करने के मामले में नगर निगम की ओर से पहले कार्रवाई हो चुकी है। इसमें तत्कालीन नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने जांच बैठाई थी और फिर जांच में आरोप सही पाए जाने पर नामातरंण को रद्द कर भूमि को वापस वक्फ बोर्ड के नाम पर कर दिया था।
कार्रवाई में तीन सदस्यों की टीम ने जांच की थी, जिसमें तत्कालीन नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स के साथ वक्फ बोर्ड की एक महिला अधिकारी व अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार मौर्य शामिल हुए थे। इस मामले में दोषी पाए गए नगर निगम के तत्कालीन कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना का रायबरेली और कर अधीक्षक आरपी सिंह का गाजियाबाद तबादला हो चुका है। वहीं टीसी आदर्श शर्मा का निधन हो चुका है। अब मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला फिर से सामने आया है, हालांकि विभागीय स्तर पर लापरवाही के तहत उस दौरान नगर निगम के इन अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी हुए थे। तीनों अधिकारियों के हस्ताक्षर की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई और मामला शांत हो गया। संवाद