पकड़े जाने पर इंस्पेक्टर और रेंजर का भाई बताकर एसपी को हड़काया
बरेली। देर रात सेटेलाइट चौराहे पर चेकिंग कर रहे एसपी अभिषेक वर्मा ने जब शहर की तरफ से अंधाधुंध गति से आ रही लग्जरी कार को रोका तो ड्राइवर ने गति और तेज कर दी। उसने एसपी और उनके गनर को कुचलने की कोशिश की। दोनों बाल-बाल बच गए। आगे जाकर आरोपी को कार समेत कब्जे पकड़ लिया गया। उसके खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसपी/सीओ थ्री अभिषेक वर्मा रात करीब सवा दस बजे सेटेलाइट चौराहे के पिकेट प्वाइंट पर वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। तभी शहर की ओर से काले रंग की वरना कार बहुत तेज गति से आती दिखी। एसपी और उनके गनर अजीत तथा सनी ने उसे रुकने का इशारा किया तो कार चला रहे युवक ने उनके ऊपर कार चढ़ाने की कोशिश की। अगर ये लोग कूदकर न हटते तो बड़ी वारदात हो जाती। इसके बाद ड्राइवर कार लेकर तेजी से पीलीभीत रोड पर भागा।
एसपी ने भी तत्काल हूटर और ऊपर की लाइट बंद कराकर अपनी गाड़ी उसके पीछे लगा दी। करीब एक किमी आगे साइड में गाड़ी लगाकर वह नंबर प्लेट तोड़ता मिल गया। तब बारादरी इंस्पेक्टर शीतांशु शर्मा ने उसे पकड़ लिया। वहां भी वह एसपी को ही हड़काने लगा। कहा, उसका एक भाई फारेस्ट ऑफिसर है। प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम मनोज कुमार भी उसके भाई हैं। पूछताछ में उसने अपना नाम कटरा चांद खां निवासी अमनदीप बताया। देर रात उसके खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कार में मिलीं बियर की बोतलें
कार में लोहे की एक रॉड, बियर की बोतलें और नमकीन आदि मिली। अमनदीप ने बताया कि दोस्तों ने पार्टी रखी थी। उसी के लिए इंतजाम करके ले जा रहा था। अमनदीप के नशे में होने के शक पर उसे मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया।
पुराना हेकड़ है, पूरे लॉकडाउन में घूमा
अमनदीप के बारे में एसपी वर्मा ने जानकारी कराई तो पता चला कि उसके खिलाफ कोतवाली और अन्य जगह पहले से मामले दर्ज हैं। पूरे लॉकडाउन में वह कार लेकर मस्ती करता रहा। एक बार रुहेलखंड चौकी के स्टाफ से भी रोकने पर उलझ गया था। एसपी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।