बरेली। लालफाटक पर रेलवे ने मेन रोड तो बंद कर दी है मगर निर्माण कार्य अब तक नहीं शुरू हुआ है। इससे प्रोजेक्ट में लगातार विलंब हो रहा है। यहां मशीनें काफी समय से खड़ी हैं। पूर्व में डीएम नितीश कुमार इस लापरवाही पर रेलवे के अधिकारियों को चिट्ठी भी भेज चुके हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। इससे पब्लिक को भी परेशानी हो रही है। रेलवे अभी काम शुरू कर दे तो उसे अपने हिस्से का काम पूरा करने में करीब डेढ़ साल का समय लगेगा।
सेतु निगम बदायूं रोड और कैंट की तरफ पीडब्ल्यूडी के हिस्से वाली सड़क पर ओवरब्रिज का निर्माण शुरू कर चुका है लेकिन रेलवे ने दोनों क्रासिंग वाले हिस्से में अभी ओवरब्रिज का निर्माण शुरू नहीं किया है। हालांकि कुछ दिन पहले रेलवे ने कांधरपुर साइड वाली सर्विस रोड का एक हिस्सा बंद कर मेन सड़क पर बोर्ड बैरीकेडिंग रख दी है लेकिन निर्माण कार्य अब तक प्रारंभ नहीं किया है। जबकि रेलवे की कई मशीनें काफी समय से वहीं खड़ी हुई है। रेलवे को अपने हिस्से में पांच पिलर बनाकर ओवरब्रिज तैयार कराना है। अपने हिस्से में उसे काम पूरा करने में डेढ़ से दो साल तक वक्त लग सकता है। इधर कैंट साइड में भी सर्विस रोड शुरू नहीं की है।
आईवीआरआई ओवरब्रिज- लापरवाही से बढ़ गई 12 करोड़ की लागत
आईवीआरआई ओवरब्रिज निर्माण में लगातार देरी और लापरवाही से ओवरब्रिज की लागत में करीब 12 करोड़ का इजाफा होने जा रहा है। सबसे ज्यादा देरी रेलवे ने की। क्रासिंग वाले हिस्से में पुल के लिए गार्डर रखने में देरी की गई। हालांकि अब लोहे के बाद सीमेंट के गार्डर भी रखे जा चुके हैं। अब उनकी लॉकिंग का काम चल रहा है। इस देरी की वजह से रेलवे के हिस्से वाले पुल की लागत 10 करोड़ से बढ़कर 22 करोड़ और सेतु निगम के हिस्से वाले पुल की लागत 29 करोड़ की जगह 35 करोड़ हो गई है। यानी जो पुल 39 करोड़ से बन जाता, उसके लिए अब 57 करोड़ की रकम खर्च करनी होगी।
चौपुला ओवरब्रिजः नए-पुराने पुल के बीच रखा जाएगा 100 टन वजनी स्टील का स्पॉन
चौपुला पर नए और पुराने ओवरब्रिज को जोड़ने के लिए करीब सौ टन वजनी 42 मीटर लंबा स्टील का स्पॉन रखा जाएगा। इस पर करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेतु निगम को नोएडा की एक कंपनी ने इसका डिजाइन तैयार करके दे दिया है। इस पर करीब सवा करोड़ रुपये के खर्च आने का अनुमान है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है स्पॉन आने के बाद इस कनेक्ट रोड को बनाने का काम शुरू हो जाएग। इधर इस ओवरब्रिज के लिए अयूब खां चौराहे की ओर खुदाई कर उसे ऐसी ही छोड़ दिया गया है। चौकी चौराहा की तरफ काम चल रहा है।
सेटलाइट ओवरब्रिजः अंतिम चरण में पहुंचा काम, स्लोप के लिए मिट्टी का भराव शुरू
सेटेलाइट ओवरब्रिज को बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। ईसाईयों की पुलिया और कैंट एरिया में ओवरब्रिज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अब पुल का स्लोप बनाने के लिए मिट्टी का भरान तेजी से हो रहा है। अधिकारियों का कहना है कि पुल के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन को ऊंचा किए बगैर ट्रैफिक नहीं शुरू हो पाएगा। इसके लिए शासन से करीब साढ़े पांच करोड़ का एस्टीमेट भेजा गया था, जो मंजूर होकर आना है।
‘लालफाटक पर सेतु निगम ने पीडब्ल्यूडी की सड़क पर काम पूरा कर लिया है। रेलवे को अपने हिस्से का काम पूरा करना है। इसके लिए कई बार रेलवे को कई बार अवगत कराया जा चुका है।’ - देवेंद्र सिंह, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम
आईवीआरआई फ्लाईओवर पर शटरिंग शुरू, सितंबर में पड़ेंगे स्लैब
बरेली। स्टील और कंक्रीट गार्डर डालने के बाद रेलवे ने शटरिंग का काम शुरू कर दिया। 15 दिन में शटरिंग पूरी होने के बाद सितंबर में स्लैब बिछाने का काम शुरू होगा।
कंक्रीट स्लैब पड़ने के बाद रेलवे ने काम तेजी से शुरू कर दिया गया। बृहस्पतिवार से शटरिंग का काम शुरू हो गया। 15 दिन में स्टील और कंक्रीट गार्डर पर शंटरिंग का काम खत्म हो जाएगा जिसको करीब एक महीना पक्का होने में लगेगा। इसके बाद सितंबर में स्लैब बिछाए जाएंगे। जिसकी 28 दिन तक क्योरिंग की जाएगी। बाद में सेतु निगम काम शुरू करेगा। इज्जतनगर रेल मंडल के पीआरओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि अक्तूकर तक फ्लाईओवर पर ट्रैफिक चालू होने की संभावना है।
पुलिस मेहरबान तो डग्गामार वाहन सिंडिकेट पहलवान
बरेली। शहर में पुलिस प्रशासन की संलिप्तता से अवैध वाहन पहले से ही दौड़ रहे हैं। अब टेंपो वालों ने खराब सड़क के बहाने नए स्टैंड बना दिए हैं। श्यामगंज पर यह वाहन सड़क का एक हिस्सा घेरकर खड़े हो रहे हैं।
जुलाई के पहले सप्ताह से श्यामगंज चौराहे से सेटेलाइट चौराहे तक अवैध टेंपो स्टैंड बनाकर उगाही करने का खेल खेला जा रहा है। जगह-जगह टेंपो खड़े कराकर रोज हजारों की अवैध कमाई की जाने लगी है। ऐसा नहीं कि अधिकारी और पुलिस इससे बेखबर हैं, लेकिन कमाई के चलते सबने सड़क घेरकर की जा रही अव्यवस्था से नजरें फेर ली हैं। दबंगों की रसूख भी इतना है कि रुपये देने से इंकार करने पर यह टेंपो को सड़क पर चलने नहीं देते।
जल निगम पहले ही श्यामगंज चौराहे से सेटेलाइट चौराहे तक की सड़क को एक साइड में पूरा खोद चुका है। अवैध टेंपो स्टैंड बनाने वालों ने इसीका फायदा उठाया और फल मंडी के पास पेट्रोल पंप साइड की एक लेन कब्जा ली है। यहां रोड के एक साइड पूरे घेरकर ऑटो खड़े होते हैं। दूसरी साइड से ही वाहनों का आवागमन चल रहा है। इसके अलावा भी श्यामगंज चौराहे से सेटेलाइट चौराहे तक जगह-जगह अड्डे बना लिए हैं। श्यामगंज ओवरब्रिज के नीचे और सेटेलाइट पुल के नीचे भी टेंपो स्टैंड बना दिए गए हैं। बताते हैं श्यामगंज चौराहे से नरियावल तक चलते वाले सभी टेंपो से रोज बीस-बीस रुपये उगाही होती है। सूत्रों के मुताबिक इन अड्डों को सूफी टोला, सेमलखेड़ा व हजियापुर के कुछ दबंग चला रहे हैं। इन्होंने यहां टेंपो से उगाही करने के लिए कुछ गुर्गे भी लगा रखे हैं जो चार सौ रुपये दिहाड़ी पर काम करते हैं। यह गुर्गे अड्डे पर टेंपो खड़ा करने के बाद पांच-पांच करके उन्हें सवारी बैठाकर निकलने देते हैं। श्यामगंज चौकी से ट्रैफिक पुलिस तक सभी को इस गड़बड़झाले की जानकारी है। कमाई के चलते सभी ने सड़क पर होने वाली अव्यवस्थाओं पर गौर करना बंद कर दिया है। स्टैंडों पर लगातार टेंपो की संख्या बढ़ती जा रही है।
अवैध तरीके से टेंपो यूनियन या स्टैंड बनाने का मामला जानकारी में नहीं है। इस तरह के किसी नए स्टैंड की कोई परमीशन नहीं दी गई है। सड़क घेरकर स्टैंड बनाना तो वैसे भी गलत है। वह खुद स्थिति देखकर इन्हें हटवा देंगे, दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। - एससी गंगवार, एसपी ट्रैफिक