भमोरा। क्षेत्र के बलिया स्थित एक क्लीनिक में गलत उपचार के बाद तीन माह के शिशु की हलत बिगड़ गई। पीड़ित दवा लेकर जैसे ही घर पहुंचा। वैसे ही शिशु ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप था कि उस वक्त क्लीनिक पर डॉक्टर नहीं थे। जिनके कहने पर कंपाउंडर ने इलाज किया। पीड़ित ने मामले में आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।
पुलिस के अनुसार, देवचरा के सनी कॉलोनी निवासी टेंपो चालक प्रकाश यादव ने शनिवार को दी तहरीर में बताया उनके तीन माह के बेटे मदन मुरारी को शुक्रवार की शाम सर्दी की शिकायत हुई थी। शनिवार दोपहर वह पत्नी आरती के साथ बलिया में संचालित एक क्लीनिक पर गए। वहां डॉक्टर नहीं मिले। वहां बैठे एक कर्मी ने फोन पर डॉक्टर से बात कराया, जिन्होंने कहा कि कंपाउंडर से दवा ले लो। बेटा ठीक हो जाएगा। क्लीनिक पर बैठे स्टाफ ने बच्चे को देखा। तीन ड्रॉप लेकर दिए। एक ड्रॉप के दो-तीन बूंद बच्चों को पिलाई। प्रकाश यादव ने बताया कि वह जैसे ही घर आए। वैसे बच्चे ने दम तोड़ दिया। प्रकाश ने तत्काल सूचना भमोरा पुलिस को दी। सूचना पर पहुंचे उपनिरीक्षक हीरेंद्र सिंह और मनोज कुमार ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। प्रकाश ने बताया किउसके चार बच्चों में सबसे छोटा मदन मुरारी था।
एसओ सनी चौधरी ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। संवाद