बरेली में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया, जिससे बरेली प्रदेश में सबसे ठंडा जिला रहा। आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट के आसार हैं।
पहाड़ों की सर्द पछुआ हवा के प्रवेश से बरेली जिले में ठिठुरन बढ़ती जा रही है। मंगलवार को 6.8 डिग्री न्यूनतम और 20.9 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ बरेली प्रदेश में सबसे ठंडा जिला दर्ज किया गया। रात में गलन हावा रही। बुधवार सुबह भी सर्दी के सितम से लोग कांपते दिखे। मौसम विभाग के मुताबिक, सप्ताहभर में रात के तापमान में दो डिग्री गिरावट हो सकती है।
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जिले में शीतलहर से जनजीवन प्रभावित होने लगा है। गलन भरी पछुआ ठिठुरन बढ़ा रही है। भोर में कोहरा छाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। मौसम विशेषज्ञ का अनुमान है कि दो-तीन दिनों तक तराई इलाकों में कोहरे का प्रकोप जारी रहेगा। हालांकि, धूप निकलने से कोहरा धीरे-धीरे कम होगा। बुधवार से विक्षोभ का असर खत्म होने से चटक धूप होगी। इससे दिन के पारे में मामूली बढ़त के आसार हैं।
आवासीय क्षेत्रों में कम हुआ प्रदूषण
शहर के आवासीय क्षेत्रों के वायु गुणवत्ता सूचकांक में मंगलवार को दिन में तेज हवा चलने से कुछ हद तक सुधार हुआ है। राजेंद्रनगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 112 दर्ज किया गया। सिविल लाइंस का एक्यूआई 84 रहा। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी चंद्रेश कुमार के मुताबिक नमी युक्त हवा में धूल, धुएं के कण तैरते हैं। इससे एक्यूआई बढ़ता है। तेज हवा चलने से एक्यूआई सुधरता है।