बढ़ेगा बैक्टीरिया, मच्छरों का प्रकोप
बांस मंडी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज के अधीक्षक प्रो. डीके मौर्य के मुताबिक, नौतपा में तपिश से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। कई रोणाणु, जीवाणु, बैक्टीरिया, पैरासाइट्स स्वत: नष्ट हो जाते हैं। नौतपा बेअसर रहा तो अप्रत्यक्ष रूप से मानव स्वास्थ्य प्रभावित होगा। लार्वा नष्ट न होने से संचारी रोग और बैक्टीरियल इंफेक्शन बढ़ने की आशंका रहेगी।
ऋतु चक्र प्रभावित होने से सेहत के प्रति सचेत रहना होगा। प्रगतिशील किसान अनिल साहनी के मुताबिक, नौतपा की गर्मी से फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट व अन्य हानिकारक जीव नष्ट हो जाते हैं। इससे आगे अच्छी बारिश की संभावना रहती है। नौतपा के नहीं तपने से फसलों का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।