मुख्य आरक्षी नूतन सिसौदिया की ओर से कोतवाली में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को ममता की निगरानी के लिए उनकी और आरक्षी रिंकी की ड्यूटी लगाई गई थी। ममता शौच और नहाने के लिए बाथरूम में गई थी। कुछ देर बाद एक महिला बुर्का पहनकर बाथरूम के दूसरे गेट से बाहर निकली और चली गई।
पुलिसकर्मियों ने उसे दूसरी महिला समझ लिया। काफी देर बाद भी जब ममता बाहर नहीं आई तो दोनों पुलिसकर्मी अंदर गईं। वहां ममता का नीले रंग का सूट पड़ा मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर तारिक खान को सौंपी है।
बेटों पर भागने में मदद का आरोप
पुलिस को दी तहरीर में ममता के बेटों पर भी आरोप लगाए गए हैं। बताया है कि ममता के दोनों बेटे उससे मिलने अस्पताल आए थे। जब पुलिसकर्मी ममता की तलाश कर रहे थे, तभी दोनों बेटे भी वहां से भाग गए। पुलिस को आशंका है कि दोनों ने ममता को भगाने में मदद की है।
पश्चिम बंगाल भागने की आशंका
ममता के पति पहले सेना में थे। वह कई साल तक पश्चिम बंगाल व असम में तैनात रहे। ममता भी कई साल तक पति के साथ इन राज्यों में रही है। पुलिस ने जब उसके दामाद व अन्य रिश्तेदारों को कोतवाली में बैठाया तो ये जानकारियां मिलीं। पुलिस को अब ये भी आशंका है कि ममता कहीं पश्चिम बंगाल न भाग गई हो। ममता का मायका बदायूं में है। वहां भी उसकी तलाश की जा रही है।
महिला बंदी के भागने में दो महिला पुलिसकर्मी निलंबित की गई थीं। इन्हीं में से एक पुलिसकर्मी की ओर से महिला व उसके दो बेटों के खिलाफ साजिश करके भागने की रिपोर्ट लिखाई गई है। उसके रिश्तेदारों से पूछताछ की जा रही है। सीओ प्रथम के नेतृत्व में सर्विलांस व एसओजी समेत चार टीमें लगाई गई हैं। - अनुराग आर्य, एसएसपी