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बिल्डरों को नहीं भाया रामगंगा नगर का प्रस्ताव

Thu, 21 Apr 2016 02:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बरेली
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स्मार्ट सिटी - फोटो : बरेली अमर उजाला
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स्मार्ट सिटी के द्वितीय चरण में बरेली को शामिल कराने के लिए नगर निगम ने सिटीजन काउंसलिंग राउंड टू में कान्फेडरेशन ऑफ रियल स्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) के साथ मंथन किया। इसमें बिल्डरों के सामने बीडीए की रामगंगा नगर आवासीय योजना में एरिया बेस्ड डेवलपमेंट, पेन सिटी और फाइनेंशियल प्लान की रुपरेखा रखी गई। बिल्डरों ने रामगंगा नगर में स्मार्ट सिटी बसाने के लिए बनाए गए 4158 करोड़ के प्रोजेक्ट को सिरे से खारिज कर दिया। बिल्डरों ने कहा कि रामगंगा नगर में बीडीए की फ्लाप आवासीय योजनाएं चल रही हैं। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में 3508 करोड़ के प्राइवेट इन्वेस्टमेंट का जिक्र किया गया है। इतना इन्वेस्टमेंट कौन करेगा? फिर ये कैसे वापस आएगा?  
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महापौर डा. आईएस तोमर की अध्यक्षता में नगर निगम में हुई सिटीजन काउंसलिंग की मीटिंग में क्रेडाई अध्यक्ष रमनदीप सिंह ने कहा कि प्रथम चरण में नगर निगम ने रामगंगा नगर में स्मार्ट सिटी बसाने और बाहरी इन्वेस्टमेंट का जो प्लान बनाया था, वह ठीक नहीं था। रामगंगा नगर में न तो इतना बड़ा इन्वेस्टमेंट हो सकता है, न ही जमीन की महंगे दामों पर बिक्री होने की उम्मीद थी। ट्यिूलिप ग्रुप के सरबजीत सिंह ने कहा कि अगर रामगंगा नगर में कोई प्रोजेक्ट डेवलप भी करे तो कस्टमर कहां से आएंगे क्योंकि अभी ये एरिया विकसित होने में समय लगेगा। रंजीत कुमार, सुनील सिंह, राजेश अग्रवाल आदि ने जिला जेल की जमीन का विकल्प आजमाने की सलाह दी। पीयूष अग्रवाल, सुनील गुप्ता आदि ने सेटेलाइट से पीलीभीत बाईपास होते हुए रुहेलखंड विश्वविद्यालय और फिनिक्स माल तक रेट्रोफिटिंग कर ये एरिया नए सिरे से बसाने के सुझाव रखे। 
भुवनेश्वर और बरेली की तुलना नहीं
नगर आयुक्त शीलधर सिंह यादव ने भुवनेश्वर के स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वह प्रोजेक्ट बहुत सरल था। प्लानिंग भी अच्छी थी। इसलिए प्रथम चरण में भुवनेश्वर पहले नंबर पर आ गया। बिल्डर रमनदीप ने कहा कि भुवनेश्वर की तुलना लखनऊ से तो की जा सकती है लेकिन अपने शहर से नहीं। बरेली को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रोजेक्ट पब्लिक की जरूरत के हिसाब से बनाना होगा। स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट में रिडेवलपमेंट और रेट्रोफिटिंग दोनों विकल्प शामिल किए जा सकते हैं। नगर निगम के वित्त विशेषज्ञ विजय कुमार ने स्मार्ट सिटी में पांच साल में इन्वेस्टमेंट और आउटपुट की प्लानिंग के बारे में जानकारी दी।  
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23 शहर फास्ट ट्रैक पर 
नगर आयुक्त ने बताया कि देश भर में प्रथम चरण में चयनित स्मार्ट शहरों में 23 ऐसे शहर फास्ट ट्रैक पर हैं जो बहुत कम नंबरों से पिछड़ गए थे। उनमें लखनऊ तो शामिल है लेकिन बरेली का नंबर काफी बाद में है। हम अगर द्वितीय चरण में अपने प्रोजेक्ट की कमियां दूर कर लें तो बरेली का चयन हो सकता है। 
पुराने प्रोजेक्ट पर सुझाव मांगे
नगर निगम ने बिल्डरों से बरेली के स्मार्ट सिटी के पुराने प्रोजेक्ट पर सुझाव मांगे। इसके तहत बिल्डरों को स्मार्ट सिटी के प्रश्नों से भरा फार्म भी दिया गया। इसमें स्मार्ट सिटी के विजन- रेट्रोफिटिंग, रिडेवलपमेंट और ग्रीन फील्ड विकल्पों समेत 22 बिंदुओं पर सुझाव मांगे गए।    
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