लखीमपुर-खीरी की घटना के बाद भी शिक्षकों व बच्चों की सुरक्षा के इंतजाम नदारद
बरेली। लखीमपुर खीरी के चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में घुसकर शिक्षिका की गोली मारकर हत्या करने और फिर खुद को गोली मारने की दुस्साहसिक वारदात के बाद भी शहर के विद्यालयों में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं। मंगलवार को की गई पड़ताल के दौरान कस्तूरबा विद्यालय की चहारदीवारी टूटी मिली। गार्ड नदारद थे। बाहरी लोग बेरोकटोक परिसर में प्रवेश कर रहे थे। कई विद्यालयों में लोग वाहन लेकर भी प्रवेश करते नजर आए। इसको लेकर स्कूल संचालकों, शिक्षा विभाग के जिम्मेदारों व अन्य अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। संवाद
सार्वजनिक स्थल बना मौलाना आजाद कॉलेज
समय : पूर्वाह्न 11:48 बजे
मौलाना आजाद इंटर कॉलेज में मंगलवार को पूर्वाह्न 11:48 बजे एक भी गार्ड नहीं दिखा। कॉलेज परिसर में ही मजार है। इस वजह से यहां दिनभर अकीदतमंदों का आना-जाना लगा रहता है। छात्र भी पढ़ाई के समय पर बिना किसी रोक-टोक के बाहर आते दिखे।
नशेड़ियों का अड्डा बना विद्यालय
समय : दोपहर 12:06
पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज के मुख्य द्वार पर बनी सुरक्षा गार्ड की चौकी दोपहर 12:06 बजे खाली दिखी। एक ऑटो भी परिसर में खड़ा था। गार्ड की चौकी के आसपास ही सिगरेट के टुकड़े, पान मसाला के खाली पैकेट, गांजा पीने में इस्तेमाल होने वाला पेपर बिखरा दिखा। यहां वहां पान मसाले की पीक थीं। विद्यालय से 700 मीटर के दायरे में क्षेत्रीय माध्यमिक बोर्ड कार्यालय और डेढ़ किलोमीटर के भीतर डीआईओएस व जेडी कार्यालय है। इसके बाद भी जिम्मेदार विद्यालय की सुध नहीं ले रहे।
खुला मिला प्रवेशद्वार
समय : दोपहर 12:02 बजे
एसवी इंटर कॉलेज का प्रवेश द्वार मंगलवार को दोपहर 12:02 बजे खुला मिला। यहां सुरक्षाकर्मी भी नहीं था। विद्यार्थी परिसर के बाहर सड़क पर घूमते दिखे।अंदर प्रवेश करने वालों को टोकने या उनकी जांच के लिए कोई जिम्मेदार नहीं था।
टूटी दीवार से छात्राओं को खतरा
समय : दोपहर 12:07 बजे
कस्तूरबा नगर निगम बालिका विद्यालय की दीवार कई दिनों से टूटी पड़ी है। दोपहर 12:07 बजे गार्ड परिसर में मौजूद था। हालांकि, अंदर प्रवेश करने पर किसी ने रोका नहीं। तलाशी भी नहीं हुई। प्रधानाचार्य मनोरमा रानी ने बताया कि विद्यालय की दीवार टूटी होने से वह खुद परेशान हैं। यह दीवार विवाद के कारण नहीं बन सकी। वह कई बार निगम को लिख चुकी हैं।
सामान की नहीं हुई जांच
समय : दोपहर 12:46 बजे
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में मंगलवार को डीएलएड की परीक्षा थी। इसके बाद भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं दिखे। साथ ले जाए गए सामान की जांच भी नहीं हुई। दोपहर 12:46 बजे यहां कोई सुरक्षाकर्मी नहीं नजर आया। हालांकि, परिसर में सीसी कैमरे लगे हुए हैं।
माध्यमिक विद्यालयों मेंं सुरक्षाकर्मी का पद सृजित ही नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही सुरक्षाकर्मी की जिम्मेदारी निभाते हैं। हम अपने स्तर से स्टाफ को तैनात भी नहीं कर सकते। विद्यालय में सुरक्षा के लिए प्रधानाचार्य जिम्मेदार होते हैं। - डॉ. अजीत कुमार, डीआईओएस