आंवला। जन्म देने वाली मां से भी बड़ी है पालने वाली मां... यह एक बार फिर साबित हुआ। 14 साल पहले एक मां और पिता ने अपनी बेटी नगमा को रिश्ते के मामा को यह कहते हुए सौंप दिया था कि इसे पाल लो और पढ़ाना लिखाना। तब मामा की शादी भी नहीं हुई थी। उसकी शादी के पहले तक नानी ने और बाद में मामी ने बेटी को खूब लाड़ प्यार से पाला। अब असली मां-बाप को बेटी पर अचानक प्यार उमड़ आया तो उसे पानी की कोशिश करने लगे। मामला थाने तक पहुंचा लेकिन जिस मां ने उसे जन्म दिया उससे ज्यादा अजीज उसने अपनी उस मां को बताया जिसने उसे पाला। उसने अपने मामा के साथ ही जाने की जिद की जिसपर उसके घरवालों को झुकना पड़ा और आखिर बेटी अपने पालनहार मां और पिता के साथ चली गई।
आंवला के मनौना गांव निवासी मोहम्मद उमर मध्यप्रदेश में रहकर निजी कंपनी में काम करता है। रामपुर जिले के गांव टांडा शाहबाद निवासी हबीब के साथ उमर की मौसेरी बहन ब्याही है। हबीब बताता है कि 14 साल पहले उमर उसके घर आया और उनसे मध्यप्रदेश चलकर रहने और वहीं व्यवसाय करने की जिद करने लगा। उमर ने ज्यादा जिद की तो उसने प्रस्ताव रख दिया कि उसकी चार बेटियां और एक लड़का हैं। वह चाहे तो एक बेटी को ले जाए और खूब पढ़ाए। उमर उनकी डेढ़ साल की बेटी को अपने साथ ले गया। तब उसकी शादी भी नहीं हुई थी। तबतक उमर की मां ने बच्ची को पाला। कुछ दिनों बाद ही उसकी शादी हो गई तो वह पत्नी के साथ मिलकर परवरिश करने लगा। बाद में उमर के एक लड़का और लड़की खुद के भी हुए लेकिन उसने नगमा को पालने में कोई कोताही नहीं की। इतने साल तक हबीब ने अपनी बेटी की कोेई खोज खबर भी नहीं ली।
गुरुवार को हबीब को जानकारी मिली कि उनकी बेटी को लेकर परिवार समेत उमर अपने पैतृक गांव मनौना आया है। तब वह रिश्तेदारों को साथ लेकर मनौना आ गए। यहां उन्होंने बेटी को घर वापस ले जाने की कोशिश करने लगे। बेटी को बताया कि उसके असली मां बाप वे ही है। उमर तो चुप रहे लेकिन नगमा ने पिता और भाई के साथ जाने से ही इंकार कर दिया। कानूनी अड़चन बताई गई तो दोनों परिवार आंवला थाने पहुंच गये। यहां भी बेटी ने अपने असली पिता के साथ जाने से साफ इंकार कर दिया। उसने कहा वह असली नकली नहीं जानती। उसे तो यह पता है कि मामा मामी ही मेरे असली मां बाप हैं। तब पुलिस ने किशोरी को उसके मामा के साथ ही भेज दिया। हबीब भी बेटी की जिद के आगे झुक गए और घर लौट गए।