बरेली। बारिश में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से मलेरिया मरीज बढ़ते जा रहे हैं। अब तक 987 मरीज मिले हैं। अब डेंगू के मरीज बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इधर, लाइसेंस के अभाव में एफरेसिस मशीन का संचालन शुरू न होने से प्लेटलेट्स की किल्लत का सामना मरीज करेंगे।
जिला अस्पताल ब्लड बैंक में पिछले वर्ष अक्तूबर में ही एफरेसिस मशीन शासन ने भेज दी थी, ताकि एक ही डोनर से मरीज की जरूरत के अनुसार प्लेटलेट्स लिया जा सके। यह मशीन अब तक इंस्टाॅल नहीं हो सकी है। मशीन के लिए अलग कक्ष तो बना पर मशीन पेइंग वार्ड में ही पड़ी है।
बता दें कि करीब दो वर्ष पूर्व डेंगू के एक हजार से ज्यादा मरीज मिलने पर सरकारी और निजी अस्पतालों में प्लेटलेट्स मिलना मुश्किल था। लोग दो-तीन दिन तक ब्लड बैंक के चक्कर काट रहे थे।
ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. अमित दिनकर के जल्द लाइसेंस मिलने का उम्मीद है। कहा कि जैसे ही अनुमति मिलेगी, मशीन इंस्टॉल हो जाएगी। बताया कि एफरेसिस मशीन से सिंगल डोनर प्लेटलेट्स विधि से एक ही व्यक्ति के मरीज को जरूरत के अनुसार प्लेटलेट्स दी जाती है। पहले इसके लिए कई डोनर की आवश्यकता होती थी।