मीरगंज/आंवला। क्षेत्र में मौसम में बदलाव से मीरगंज और आंवला सीएचसी में शुक्रवार को 1250 से अधिक मरीज पहुंचे। इसमें ज्यादातर लोग वायल बुखार से पीड़ित मिले। मरीजों में सबसे ज्यादा बच्चे और महिलाएं पहुंची थीं, जिनका चिकित्सकों ने इलाज किया।
मीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर शुक्रवार को कुल 795 मरीज इलाज के लिए पहुंचे, जिनमें से लगभग 750 मरीज वायरल बुखार से पीड़ित पाए गए। प्रभारी अधीक्षक डॉ. वैभव राठौर ने बताया कि यह बुखार मौसमी है। ज्यादा चिंता की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इस समय अचानक ठंडा पानी पीने या आइसक्रीम खाने से शरीर पर असर पड़ता है। ऐसे में लोग इनसे परहेज करें और हल्का, सुपाच्य भोजन करें। डॉ. राठौर ने यह भी कहा कि मरीजों को घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर दवा लेने और आराम करने से जल्द ठीक हो जाएंगे। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा बना रहे तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
आम दिनों की तुलना में 300 मरीजों की बढ़ोतरीआंवला सीएचसी केंद्र में आम दिनों की तुलना में पहुंचने वाले मरीजों की तुलना में शुक्रवार को 300 अधिक मरीज पहुंचे। इस प्रकार कुल 500 मरीजों में ज्यादातर वायरल बुखार से पीड़ित मिले। इनमें भी ज्यादातर मरीज वायरल बुखार से पीड़ित मिले। इसके अलावा कुछ मरीज बुखार, उल्टी, दस्त और शरीर दर्द से भी परेशान दिखे।
सीएचसी के डॉक्टर मोहम्मद अब्बास के अनुसार, बरसात के बाद मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है। इससे मरीजों में बुखार, उल्टी, दस्त और शरीर दर्द की शिकायतें आ रही हैं। स्वास्थ्य केंद्र में सभी मरीजों को आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। चिकित्सा प्रभारी डॉ. विनय पाल ने बताया कि इस सप्ताह के शुरुआत से ही वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। उन्होंने कहा कि बदले मौसम में घटते-बढते तापमान सर्दी, जुकाम व बुखार जल्दी हो सकता है। संवाद