2010-12 में रामगंगा से प्रभावित थीं तीन तहसीलें
जिले में 2010 और 2012 में रामगंगा में बढ़े जलस्तर ने जमकर तबाही मचाई थी। फरीदपुर, आंवला और मीरगंज तहसील के कई गांवों में स्थिति काफी डरावनी हो गई थी। शहर में भी रामगंगा का पानी घुस गया था। बदायूं की ओर जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी थी। अब भारी बारिश ने पूरे देश में तबाही मचा रखी है। इसका असर बरेली में देखने को मिल रहा है। रामगंगा समेत सभी नदियां उफनाने लगी हैं।
छह तहसीलों में संवेदन और अतिसंवदेनशील ग्राम
सदर तहसील के 73 संवेदनशील और 13 अतिसंवेदनशील, बहेड़ी के 76 संवेदनशील और 14 अतिसंवेदनशील, आंवला के आठ संवेदनशील, नवाबगंज के 46 संवेदनशील और 16 अतिसंवेदनशील, फरीदपुर के 54 संवेदनशील और 27 अतिसंवेदनशील, मीरगंज के 115 संवेदनशील और 22 अतिसंवेदनशील गांवों में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। इनमें कुछ गांवों में रामगंगा समेत अन्य नदियों का पानी घुसने लगा है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, सूचना मिलने पर मिलेगी मदद
जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम बनाया है। जिसमें हेल्पलाइन नंबर 0581-2428188 व 0581-2422202 पर फोन कर बाढ़ की सूचना दे सकते हैं। कंट्रोल रूम में आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में कर्मी हैं। ताकि दिन-रात कभी कोई समस्या आए तो मदद मिलेगी।