बरेली में बंगाली समाज की दुर्गा पूजन के अंतिम दिन दुर्गा पंडालों में भक्तों की भीड़ रही। अंतिम दिन भक्तों ने मां का पूजन कर उनका आशीर्वाद किया लिया। बंगाली कल्चरल एवं वेलफेयर सोसायटी की ओर से अंतिम दिन उत्तर रेलवे मनोरंजन सदन में सिंदूर उत्सव एवं प्रतिमा विसर्जन किया गया। सिंदूर उत्सव के साथ महिषासुर मर्दिनी की विदाई की गई।
मीडिया प्रभारी ध्रुव चटर्जी ने बताया कि असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा की पूजा जो पिछले चार दिनों से बंगाली समाज की ओर से पूजन किया जा रहा था। अंतिम दिन समापन सिंदूर उत्सव के साथ शुरू हुआ। महिलाओं ने मां दुर्गा का सिंदूर से वरण किया व एक दूसरे को सिंदूर लगाकर अगले वर्ष फिर से मां के आने की कामना की।
देवी प्रतिमा पर सिंदूर लगाती महिला
- फोटो : संवाद
इसके बाद विसर्जन यात्रा निकाली गई जो मनोरंजन सदन शुरू होकर जंक्शन, कचहरी, चौकी चौराहा, पटेल चौक होते हुए रामगंगा तट पर पहुंचे एवं वहां पर ढाक, ढोल व नगाड़ों की आवाज से राम गंगा तट पर मां का विसर्जन किया गया। विसर्जन के बाद समाज के लोगों ने वापस आकर शांति जल किया।
इसी तरह दुर्गा बाडी, इज्जतनगर, रोड नंबर 4 समेत अन्य जगह सजाए गए पंडालों से भी सजाया गया। इस दौरान विकास राय चौधरी, मानस गोराई, सनत तरफदार, चंचल डे, प्रवीर राय, मनोज राय, तापोस मोईत्रा, श्यामल मित्रा, सम्राट बनर्जी, प्रदीप डे, दिलीप चटर्जी, अर्जुन चम्पामणि आदि मौजूद रहे।