बरेली में एक पंचायत सचिव ने ऐसा खेल किया, जिससे विधवा के होश उड़ गए। विधवा को मृत दर्शा दिया गया। विधवा पेंशन बंद होने पर महिला को जानकारी हुई। उन्होंने डीएम से पूरे मामले की शिकायत की। इस पर डीएम के निर्देश पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया।
बरेली में विधवा विद्या देवी को मृत दर्शाकर उनकी पेंशन बंद करने के मामले में दोषी पंचायत सचिव सुमित गुप्ता को डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने निलंबित कर दिया है। जांच में पाया गया कि सचिव ने पंचायत सहायक से सत्यापन कराया। परीक्षण तक नहीं किया था। पंचायत सहायक को भी दोषी माना गया है।
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डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि भुता ब्लॉक के गांव अहिरोला निवासी विद्या देवी बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट आई थीं। उन्होंने महिला कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर खुद को मृत दर्शाकर पेंशन रोके जाने की शिकायत की थी। इससे पहले उन्होंने आईजीआरएस पर भी समस्या दर्ज कराई थी। इसकी जांच एडीएम सिटी सौरभ दुबे कर रहे थे।
सचिव ने न सत्यापन किया और न परीक्षण
जांच अधिकारी के निर्देश पर भुता बीडीओ ने रिपोर्ट दी थी। इसमें पता चला कि ग्राम पंचायत अहिरोला में विधवा पेंशन के लाभार्थियों का सत्यापन पंचायत सचिव सुमित गुप्ता ने खुद न करके पंचायत सहायक मंजू गंगवार से कराया था। मंजू की तरफ से किए गए सत्यापन का सुमित ने परीक्षण तक नहीं किया था।
बीडीओ ने दो बार पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगा, पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि पंचायत सचिव सुमित गुप्ता को निलंबित कर फरीदपुर ब्लाक से संबद्ध किया है। एडीओ पंचायत फरीदपुर को विस्तृत जांच सौंपी गई है। पंचायत सहायक मंजू के विरुद्ध ग्राम पंचायत स्तर से कार्रवाई की जा रही है।