Victimized rape victim dies by hanging
लखीमपुर खीरी। थाना फरधान क्षेत्र की 14 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने सोमवार की रात घर के अंदर साड़ी का फंदा गले में डाल लिया और कमरे के अंदर कुंडे से लटककर जान देदी। घर वालों का कहना है कि मुख्य आरोपी के परिवार वाले समझौता करने का दबाव बना रहे थे। लगातार धमकियां दे रहे थे, जिसकी शिकायत भी थाना पुलिस से की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे क्षुब्ध होकर पीड़िता ने आत्महत्या की है।
14 जुलाई की रात थाना क्षेत्र की 14 वर्षीय किशोरी लघुशंका के लिए घर के बाहर आई थी। बसंत ने किशोरी को तमंचे के बल पर दबोच लिया। मुंह दबाकर पास में बनी एक कॉलोनी में ले जाकर दुष्कर्म किया था। घर वापस आई पीड़िता ने जब अपनी मां को घटना बताई तो परिवार के लोग आरोपी के घर शिकायत करने गए। ऐसे में आरोपियों ने गालीगलौज और मारपीट कर उन्हें भगा दिया था। पुलिस ने पीड़िता की मां की तहरीर पर बसंत, लल्लूराम और गजन्दू उर्फ अंकित के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी और पास्को एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने हुए बयानों के बाद मुख्य आरोपी बसंत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। परिवार के लोगों ने बताया कि मुख्य आरोपी के जेल जाने के बाद उसके परिवार वाले सुलह-समझौते का दबाव बना रहे थे। लगातार धमकियां दे रहे थे। इसकी शिकायत भी 20 जुलाई को डीएम और एसपी से की गई थी। एसपी की फटकार पर पुलिस एक आरोपी को पकड़कर थाने लाई पर 24 घंटे बाद उसे छोड़ दिया था। लगातार मिल रही धमकियों से पीड़िता काफी क्षुब्ध थी। सोमवार को पीड़िता अपनी मां के साथ बरामदे में सो रही थी। घर के अन्य लोग बाहर सो रहे थे। रात में पीड़िता ने साड़ी का फंदा गले में कस लिया और कमरे के अंदर कुंडे से लटकर आत्महत्या कर ली। आरोप है कि लगातार मिल रही धमकियों और पुलिस के कार्रवाई न करने से क्षुब्ध होकर पीड़िता ने आत्महत्या की।
पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। पीड़िता ने 164 के बयान में सिर्फ बसंत का नाम लिया था। बयानों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अन्य लोगों पर धमकाने व मारपीट की जांच चल रही है।
-अरुण कुमार सिंह, एएसपी