फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धमकाने वालों पर कार्रवाई होती तो बच जाती जान

विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। महिला अपराधों पर अंकुश लगाने को लेकर पुलिस गंभीर नहीं है। आरोपी के घर वालों की धमकी से दुष्कर्म पीड़िता और उसका परिवार डरा सहमा रहा। हफ्ते भर पहले पीड़िता की मां डीएम और एसपी से भी मिली और धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके बाद भी पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। परिवार वालों का कहना है कि यदि पुलिस धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती तो हो सकता है कि पीड़िता फंदे पर लटकर कर जान नहीं देती।
विज्ञापन

पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पीड़िता के परिवार वालों ने बताया कि जिस रात दुष्कर्म की वारदात हुई। उसी रात जब परिवार के लोग शिकायत करने गए तो आरोपी के परिवार वालों ने गालीगलौज की और पुलिस कार्रवाई पर धमकी दी। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही थी। इधर आरोपी परिवार वालों को डरा-धमकाकर समझौते का दबाव बना रहे थे। इस पर पीड़िता की मां 20 जुलाई को डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और तत्कालीन एसपी पूनम से मिली। जिसके बाद एसपी के आदेश पर पुलिस ने 23 जुलाई को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसे जेल भेज दिया था। इससे अन्य आरोपी धमकाने लगे। यदि पुलिस धमकाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती तो शायद पीड़िता फंदे पर लटककर जान नहीं देती। इधर, प्रभारी निरीक्षक फरधान विमल गौतम का कहना है कि पीड़िता और मुख्य आरोपी के बीच प्रेम संबंध थे। जिसकी परिजन को जानकारी हुई तो उन्होंने लड़की को मारापीटा था। पीड़िता भी प्रेमी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें