18 साल से ज्यादा वाले 36 लाख लोगों के प्रतिरक्षण का लक्ष्य, आठ लाख हो चुके प्रतिरक्षित
बरेली। हफ्ते भर से जिले में वैक्सीन की किल्लत है। पर्याप्त आपूर्ति न मिलने से मेगा वैक्सीनेशन अभियान शुरू नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास अब सिर्फ चार दिन के लिए ही डोज बची हैं। ऐसी स्थिति में कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले लोगों को प्रतिरक्षित करना जिला प्रशासन के लिए चुनौती है। अभी करीब 28 लाख लोगों को वैक्सीन लगनी बाकी है।
दुनिया भर के वैज्ञानिक सितंबर के आखिर तक कोरोना की तीसरी लहर आने और अक्तूबर, नवंबर में इसके पीक पर होने की आशंका जता रहे हैं। कोरोना संक्रमण से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए प्रदेश सरकार ने ‘मेगा वैक्सीनेशन’ अभियान शुरू करने की योजना बनाई। इसे एक जुलाई से शुरू होना था। इसके लिए 30 जून की देर शाम तक तैयारियां की गईं, लेकिन वैक्सीन न मिलने से अभियान टल गया। अब इसकी तारीख लगातार आगे बढ़ती जा रही है। अफसर लक्ष्य के सापेक्ष वैक्सीन की उपलब्ध होने पर आंशिक तौर पर अभियान शुरू करने की बात कह रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब सिर्फ चार दिन के लिए वैक्सीन की डोज बची हैं। इससे करीब 40 हजार लोग प्रतिरक्षित होंगे। रविवार को इसी आधार पर स्लॉट बुक हुए हैं। आगे और वैक्सीन मिलने के बाद टीकाकरण की कार्ययोजना तैयार होगी। उधर, स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों को अपने क्षेत्र में टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने और मेगा वैक्सीनेशन में सहयोग करने के लिए तैयार करने को कहा गया है।
ऐसी ही रही वैक्सीन की आपूर्ति तो डेढ़ साल में होगा लक्ष्य हासिल
वर्तमान में उपलब्ध हो रही वैक्सीन की डोज के आधार पर गणना करें तो जिले में करीब 28 लाख लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लगनी है। प्रतिदिन अगर 14 हजार लोग प्रतिरक्षित हुए तो करीब साल भर का वक्त लगेगा। हालांकि मेगा वैक्सीनेशन अभियान चला तो जिले के सभी 28 लाख लोग तीन-चार महीने में ही प्रतिरक्षित हो जाएंगे।
मेगा वैक्सीनेशन का यह है माइक्रोप्लान
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि माइक्रोप्लान के तहत सभी सीएचसी, पीएचसी, यूपीएचसी के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा, एएनएम आदि को क्षेत्र में टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेकर लोगों को स्वैच्छिक टीकाकरण के लिए सहमत करने, घर पहुंचकर या कैंप पर संबंधित क्लस्टर (इलाका) के 18 साल से ऊपर के प्रत्येक व्यक्ति को टीका लगाने, स्वास्थ्य की निगरानी करने को भी कहा गया है। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, छात्र-छात्राओं, सरकारी-निजी कर्मचारियों का सहयोग भी लिया जाएगा।
फतेहगंज में सर्वाधिक टीकाकरण
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक सीएचसी फतेहगंज में अब तक 36544 लोग प्रतिरक्षित हो चुके हैं। दूसरा स्थान पर जिला अस्पताल है, यहां 30892 लोगों को वैक्सीन लगी है। 22 हजार लोगों को प्रतिरक्षित करने पर भोजीपुरा सीएचसी तीसरे स्थान पर है। इसके अलावा शेरगढ़, मझगवां, सिविल लाइंस, बिथरी चैनपुर, नवाबगंज आदि सीएचसी पर 18 से 20 हजार लोगों को वैक्सीन लगी है।
देर शाम शासन से मिली 37 हजार डोज
रविवार शाम मुख्यालय से वैक्सीन की करीब 37 हजार डोज मिल गईं हैं। वैक्सीन मिलने के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने भोजीपुरा, शेरगढ़, बहेड़ी, मुडिया नवीबक्श, मीरगंज और फतेहगंज पश्चिमी ब्लॉक में क्लस्टर वैक्सीनेशन सोमवार से करने की योजना बनाई है। प्रत्येक ब्लॉक में दो दिन में 19-19 हजार लोगों को प्रतिरक्षित किया जाएगा। अन्य ब्लॉकों में रुटीन वैक्सीनेशन जारी रहेगा।
लक्ष्य के सापेक्ष वैक्सीन उपलब्ध होने पर ही पूरे जिले में मेगा वैक्सीनेशन शुरू होगा। माइक्रोप्लान के तहत पूरी तैयारी कर ली गई है। रविवार शाम शासन से वैक्सीन की 37500 डोज मिल गईं हैं। छह ब्लॉकों में क्लस्टर एप्रोच के तहत टीकाकरण होगा। - डॉ. आरएन सिंह, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
अब तक जिले में हुए प्रतिरक्षित
- - 658921 लोगों को पहली डोज
- - 123471 लोगों को दूसरी डोज
महिला और पुरुष का आंक ड़ा
- - 329562 महिलाएं हुई प्रतिरक्षित
- - 452605 पुरुष हुए हैं प्रतिरक्षित
कितनी वैक्सीन की खपत
- - 691441 लोगों को कोविशील्ड
- - 90951 लोगों को कोवाक्सिन
आयुवर्ग के आधार पर प्रतिरक्षित
- - 60 साल से ज्यादा 156704 लोग
- - 18-44 साल के 373990 लोग
- - 45-60 साल के 251698 लोग