बरेली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ लगाना राजनीतिक स्टंट और वैश्विक शक्ति प्रदर्शन का जरिया है। इससे भारत से निर्यात होने वाले उत्पाद महंगे होंगे। उनकी मांग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार और उद्यमियों को तैयार रहना होगा।
रोटरी क्लब ऑफ बरेली की ओर से शुक्रवार को अर्बन हाट ऑडिटोरियम में आयोजित इंपैक्ट ऑफ अमेरिकन टैरिफ ऑन इंडियन इकोनॉमी विषय पर आयोजित परिचर्चा में कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. एके चौहान ने ये बातें कहीं। उन्होंने प्रोटेक्टिव एवं रेवेन्यू टैरिफ पर चर्चा करते हुए दीर्घकालिक रणनीतिक समाधान पर जोर दिया। क्लब अध्यक्ष डाॅ. मनीष शर्मा ने बताया कि भारतीय एक्सपोर्ट का करीब 20 फीसदी अमेरिका में है, जबकि अमेरिका से आयात का 2.7 फीसदी है। लिहाजा, अमेरिकी टैरिफ से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर भी प्रतिकूल असर पड़ना तय है।
अमेरिकी टैरिफ का सामना करने के लिए टैरिफ इंजीनियरिंग, ट्रेड निगोसिएशन, नास्ट्रो-वास्ट्रो, लोरो अकाउंट, सरकार द्वारा निर्यातकों को मिलने वाले पैकेज आदि पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान योगेश प्रसाद को क्लब के इंटरनेशनल एंबेस्डर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करेगा जीएसटी-2
रोटेरियन ने कहा कि अमेरिकी टैरिफ से समुद्री उत्पाद, कपड़ा व्यवसाय, जेम, ज्वेलरी, ऑटोपार्ट, फर्नीचर, बेस मेटल, केमिकल और कृषि उत्पाद आदि पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सभी 50 से 60 फीसदी महंगे हो जाएंगे। मुख्य वक्ता कपिल वैश्य ने कहा कि जीएसटी-2 में पांच से 18 फीसदी के स्लैब लागू होने से करीब 20 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त तरलता भारतीय बाजार में आएगी। हालांकि, भारत ऐसे कई देशों में कारोबार बढ़ा सकता है, जहां अमेरिका ने टैरिफ नहीं लगाया है। उनके जरिये अप्रत्यक्ष निर्यात का विकल्प है।
दिवाली मेले के आयोजन पर किया विमर्श
11, 12, 13 अक्तूबर को प्रस्तावित रोटरी महान दिवाली मेले की तैयारियों के संबंध में मेला डायरेक्टर सीए मोहित वैश्य ने चर्चा की। उन्होंने मेले में लगने वाले स्टॉल, कार्यक्रम आदि की जानकारी दी। यहां सीए नितिश टंडन, सीए शरद मिश्रा, क्लब सचिव शेखर यादव, अरविंद भटनागर, राजीव गुप्ता, सीए मोहित वैश्य समेत रुहेलखंड मैनेजमेंट एसोसिएशन से डाॅ. नीरज सक्सेना, कदीर अहमद, केबी अग्रवाल, प्रदीप मधवार, मनोज चैधरी, राज गोयल आदि लोग मौजूद रहे। ब्यूरो