दरगाह शरीफ पर जायरीन की हाजिरी का सिलसिला भी सुबह से जारी रहा। लोग चादपरपोशी और गुलपोशी करते रहे। इस दौरान शहर के तमाम इलाकों से चादरों के जुलूस भी पहुंचते रहे। देश-विदेश के जायरीन की आमद भी जारी रही। आला हजरत दरगाह की गलियों में रौनक छाई हुई है। जायरीन खूब खरीदारी कर रहे हैं। कुरान पाक सहित आला हजरत, मुफ्ती आजम हिंद, ताजुश्शरिया की लिखी किताबों की मांग रही।
अदा की गई मुफ्ती-ए-आजम के कुल की रस्म
ताजुश्शरिया के उर्स में दिनभर की रस्मों के बाद रात में मथुरापुर स्थित जमीयतुर्रजा परिसर में तकरीरी जलसा आयोजित हुआ। देर रात मुफ्ती आजम हिंद का कुल शरीफ हुआ। यह जलसा दरगाह ताजुश्शरिया के सज्जादानशीन व काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती व सदारत में हुआ।
इस मौके पर उलमा इकराम ने हजरत अख्तर रजा खां (अजहरी मियां) की जिंदगी पर रोशनी डाली। दीन के रास्ते पर चलने और शरई एतबार से जिंदगी गुजारने की ताकीद की। इसमें अल्लामा जियाउल मुस्तफा, मौलाना शकील, मुफ्ती शहजाद, मौलाना जाहिद, मुफ्ती नश्तर फारूकी ने तकरीर की। देर रात 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां के कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। इसके बाद असजद मियां ने मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ की।