शाम छह बजे महफिल-ए-मिलाद होगी। रात में 10 बजकर 35 मिनट पर आला हजरत के बड़े साहिबजादे हुज्जातुल इस्लाम का कुल शरीफ होगा। इसके बाद रात में नौ बजे से नातिया मुशायरा होगा। मुफ्ती सलीम नूरी बरेलवी ने बताया कि मुशायरा में देश-विदेश के नामचीन शायर शिरकत करेंगे।
दूसरे दिन तकरीर देंगे उलमा
दूसरे दिन 30 अगस्त को सुबह छह बजे कुरानख्वानी के बाद 10 बजे से कॉन्फ्रेस होगी। सुबह 9:58 बजे रेहान-ए- मिल्लत व 10:30 बजे मुफस्सिर-ए-आजम के कुल शरीफ की रस्म होगी। इसके बाद आपसी सौहार्द व नामूस-ए-रिसालत कॉन्फ्रेंस होगी। रात में नौ बजे से दुनियाभर के मशहूर उलमा की तकरीर होगी। देर रात एक बजकर 40 मिनट पर मुफ्ती आजम-ए-हिंद के कुल शरीफ की रस्म की जाएगी।
आखिरी दिन 31 अगस्त को बाद सुबह छह बजे कुरानख्वानी, सुबह आठ बजे से नात-ओ-मनकबत व तकरीर का सिलसिला शुरू होगा। आखिर में दो बजकर 38 मिनट पर आला हजरत के कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा।