बरेली। अर्बन हाट का संचालन करने के लिए फर्म नहीं मिल रही है। यही वजह है कि तमाम दावों के बाद जब संचालक नहीं मिला तो अधिकारियों ने रिटेंडर जारी किए हैं। 17 मार्च को इसकी बिड खोली जाएगी। वहीं अधिकारियों ने कहा है कि आपत्तियां व सुझाव देरी से आने के कारण टेंडर को निरस्त किया गया था।
अर्बन हाट एंड हैंडीक्राफ्ट सेंटर की रिटेंडर प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू हुई। इसके लिए स्मार्ट सिटी कंपनी ने चौथी बार प्रस्ताव मांगे हैं। 157.67 करोड़ की लागत से बने अर्बन हाट एंड हैंडीक्राफ्ट का निर्माण 2021 में शुरु होकर 2024 में पूरा हुआ था। शुरुआत में स्मार्ट सिटी कंपनी ने इसके लिए टेंडर निकाले, लेकिन इसमें रखी गई शर्ताें में पेंच फंसा रहा। इसकी तीन बार टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया। अधिकारियों का दावा है कि पहली बार में पांच, दूसरी बार में छह और तीसरी बार में चार फर्में आगे आई थीं। इसमें कोई भी फर्म उपयुक्त नहीं थी। बृहस्पतिवार को दोबारा प्रस्ताव की तिथि घोषित की गई।
- इसलिए फंस रही है तकनीकी तौर पर टेंडर की प्रक्रिया
अर्बन हाट एंड हैंडीक्राफ्ट सेंटर का अधिकतर हिस्सा खुला हुआ है। इसको पांच जोन में बांटा गया है। दूसरे जोन में जाने के लिए बगैर एसी वाले इलाके से गुजरना पड़ता है। वहीं स्मार्ट सिटी की शर्ताें के मुताबिक मॉल आदि चलाने का अनुभव भी संचालन करने वाली फर्म को होना जरुरी है। वहीं प्रदेश में बने मॉल का पूरा क्षेत्र वातानुकूलित होता है। दूसरी ओर अर्बन हाट का हिस्सा खुला हुआ है। दूसरा बड़ा मामला अर्बन हाट की मेंटनेंस है, जो फर्म इसका संचालन करेगी, उसको निगम को सालाना करोड़ों की रकम अदा करने के बाद मेंटनेंस भी खुद रखना है। इसी वजह से फर्में इस संचालन को लेने के मूड में शुरू से नहीं दिखी हैं।
- शर्ताें में बदलाव से अधिकारी कर रहे इन्कार
शर्ताें के कारण शुरुआत में टेंडर होने की प्रक्रिया में फंसे थे। अधिकारी शुरू ही शर्ताें को बदलने की बात से इन्कार कर रहे हैं। वहीं (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) आरएफपी के तौर पर देखा जाए तो पहले संचालन लेने वाली फर्म का टर्न ओवर सालाना 80 करोड़ होना चाहिए था। इसको घटाकर 40 करोड़ किया गया है। वहीं 20 हजार वर्ग मीटर वाली आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के संचालन का सात साल का अनुभव मांगा था। संचालन के अनुभव की अवधि घटाकर दो साल कर दी गई है। संवाद
रिटेंडर प्रक्रिया को शुरू किया गया है। पूर्व में खोले गए टेंडरों में आपत्तियां व सुझाव तय तिथि के बाद भी आते रहे। इसी वजह से इसे निरस्त किया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर 17 मार्च को इसकी बिड खोली जाएगी। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त