बरेली। इस बजट से शहरी विकास की आस पूरी होगी। हाईवे परियोजनाओं को रफ्तार मिलेगी। पहले से स्वीकृत परियोजनाओं के लिए बजट का सूखा नहीं रहेगा।
नई परियोजनाओं को भी मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जिले के लिए बजट से पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक धनराशि मिलने के आसार हैं। मेट्रो से सफर के लिए अभी इंतजार ही रहेगा, क्योंकि यह परियोजना फिलहाल डीपीआर के स्तर पर है।
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए 1,400 करोड़ रुपये और मिलेंगे। इससे निर्माण तेज होगा। बरेली-मथुरा हाईवे के चौथे चरण में 1,527 करोड़ की लागत से बरेली से बदायूं तक 32.5 किलोमीटर मार्ग का चौड़ीकरण होगा। दो हजार करोड़ रुपये से 29.950 किलोमीटर रिंग रोड का निर्माण शुरू हो सकेगा।
तकनीकी मूल्यांकन में फंसी रामगंगा बैराज सिंचाई परियोजना को अगर केंद्रीय जल आयोग की सहमति मिली तो इसके लिए 2800 करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
काम शुरू करानेे के लिए जरूरी बजट मिल सकता है। शहर के विकास से जुड़ी 86.87 करोड़ रुपये लागत की परियोजना को शहरी विकास मंत्रालय की सिटीज 2.0 योजना में मंजूरी मिलने के साथ ही बजट का आवंटन होने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने शहरी विकास और हाईवे से जुड़ीं परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान किए है। अमर उजाला ब्यूरो