बीडीए की टीम पीछे हटी तो व्यापारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। फिर महापौर के साथ व्यापारी प्रेमनगर थाने पहुंचे। शोरूम स्वामी ने बीडीए के सहायक अभियंता अनिल कुमार, जेई रमन कुमार, सुपरवाइजर वीरेंद्र सिंह के खिलाफ तहरीर दी। आरोप है कि इन लोगों ने बीडीए वीसी और सचिव के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे। न देने पर शोरूम को दोबारा सील करने की धमकी दी। इन लोगों ने 50 हजार रुपये गल्ले से निकाल लिए।
सहायक अभियंता ने भी दी तहरीर
बीडीए के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने भी प्रेमनगर थाने में तहरीर दी है। इसके मुताबिक, जब टीम पहुंची तो संचालक ने शोरूम से बाहर आने से मना कर दिया। कॉल करके अन्य साथियों को बुला लिया गया। रोहित कुमार शौरी व अन्य लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज की। सुपरवाइजर वीरेंद्र कुमार व प्रवर्तन टीम के सदस्यों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। धमकी देकर टीम को भगा दिया। टीम ने कुछ व्यक्तियों को पहचाना है। इनमें तीन महिलाएं और कई पुरुष शामिल हैं।
बीडीए पर गंभीर आरोप
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि बीडीए ने लूट मचा रखी है। तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर व्यापारियों से वसूली की जा रही है। बीडीए के एई अनिल कुमार के नेतृत्व में जेई रमन कुमार और एक गुंडा 15-20 लोगों के साथ आया था और शोरूम के मालिक रोहित से 50 हजार रुपये छीन लिए। वीसी और सचिव के लिए पांच लाख रुपये मांगे। भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर भी एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए।
बीडीए के अफसर कह रहे हैं शोरूम का नक्शा पास नहीं था, लेकिन हकीकत यह है कि 1984 से नक्शा पास है। लड़ाई नक्शे की नहीं, आर्किटेक्ट से मिलने वाले कमीशन की है। अब शोरूम संचालक, आर्किटेक्ट के भाई को परेशान किया जा रहा है। निर्माण को लेकर शो-रूम सील नहीं किया, फिनिशिंग के काम पर सील किया गया। फिनिशिंग तो कोई भी करा सकता है। इसमें शोरूम सील करने का मतलब क्या है।
कार्रवाई नियमानुसार हुई है: बीडीए वीसी
बीडीए वीसी मनिकंडन ए ने कहा कि कार्रवाई नियमानुसार हुई है। रुपये मांगने के आरोप न लगाएं, यदि हकीकत है तो साक्ष्य दिखाएं। जिस भूखंड पर शोरूम बनाया गया, वह क्लीनिक के लिए आरक्षित है। मानचित्र स्वीकृत कराए बगैर अवैध तरीके से चार भूखंड जोड़कर एक कामर्शियल निर्माण किया गया। आईजीआरएस पर आई शिकायत की जांच के बाद सील किया गया है और ध्वस्तीकरण के आदेश हैं। जो कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है, वह कमिश्नर और फिर हाईकोर्ट में जा सकता है।
बीडीए की सील तोड़कर शोरूम संचालित करना नियमों के खिलाफ है। नियमों के अनुसार कार्रवाई होती है तो आरोप लगते ही हैं। अगर मुझ पर आरोप है तो विजिलेंस और सीबीआई जांच करा ली जाए। जो लोग आरोप लगा रहे हैं उनके बारे में भी शासन सब जानता है। मैं कुछ नहीं कहूंगा, सिर्फ नियमानुसार बीडीए चलाऊंगा।