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यूपी उत्तराखंड सीमाः टुकड़ों में पूरा हो रहा उत्तराखंड का सफर, किराया भी दोगुना पड़ रहा

Thu, 24 Sep 2020 02:35 AM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बार्डर से गुजरता यातायात। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बिना ई पास चार पहिया वाहनों को नहीं मिल रहा प्रवेश, सीमा पर छोड़ रहे ऑटो-टेंपो
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संपर्क मार्गों के जरिये पहुंचने वालों से उत्तराखंड के गांवों में हो रही अवैध वसूली

बहेड़ी। दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों को उत्तराखंड सीमा पर बगैर ई-पास प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। रोडवेज बसें भी यूपी-उत्तराखंड बार्डर पर ले जाकर छोड़ दे रही हैं। इसका फायदा उठाकर डग्गामार वाहन चलाने वाले सवारियों को लूटने में लगे हैं। बरेली से उत्तराखंड पहुंचाकर सवारियां बैठाने वाले ऑटो-टेंपो भी बार्डर पर ले जाकर ही लोगों को छोड़ दे रहे हैं और किराया भी ढाई सौ से तीन सौ रुपये तक वसूल रहे हैं। वहीं, संपर्क मार्गों से उत्तराखंड में घुसने वालों से उन गांवों के लोग अवैध वसूली कर रहे हैं। बुधवार को भी दिन तमाम लोग व्यवस्था को कोसते हुए बार्डर पर परेशान होते नजर आए, दुश्वारियों पर लाइव रिपोर्ट-
बुधवार को भी बहेड़ी में यूपी-उत्तराखंड सीमा पर पूर्वाह्न 11 बजे से शाम चार बजे तक रोजाना की तरह ही तमाम लोग परेशान होते नजर आए। सीमा पर बैरियर लगाकर तैनात उत्तराखंड पुलिस चार पहिया वाहनों को ई-पास देखकर ही प्रवेश दे रही थी। हालांकि कोरोना निगेटिव रिपोर्ट की बाध्यता को खत्म कर दिया है। मगर उत्तराखंड बार्डर बंद होने का मैक्स, टेंपो, ऑटो आदि के संचालक जमकर फायदा उठा रहे हैं। बरेली से उत्तराखंड बताकर सवारियों को यूपी बार्डर के ग्राम मुड़िया मुकर्रमपुर तक ही छोड़ा जा रहा है और दो सौ रुपये प्रति सवारी किराया वसूला जा रहा है। इसके बाद लोगों को भीषण गर्मी में पैदल ही बार्डर पार करके उत्तराखंड पहुंचने का सफर करना पड़ता है। वहां से आगे दूसरे वाहन से उत्तराखंड पहुंचते हैं।

उत्तराखंड से बरेली का सफर और भी महंगा

बरेली से बार्डर जाने की अपेक्षा वहां से लौटने का सफर ज्यादा महंगा है। डग्गामार वाहन चालक बार्डर से बरेली तक ढाई सौ से तीन सौ रुपये किराया वसूल रहे हैं। आम दिनों में बहेड़ी से किच्छा तक निजी वाहन बीस रुपये किराया लेते थे लेकिन अब यूपी बार्डर तक का किराया पचास से सौ रुपये वसूला जा रहा है। यूपी रोडवेज की बुधवार को शाम चार बजे तक सिर्फ दो बसें ही बार्डर तक पहुंचीं, जिसका छोटे वाहन चालक नाजायज फायदा उठा रहे हैं।

भंगा गांव से बंद हुआ प्रवेश

बरेली से टेंपो वाले सवारियां भरकर उत्तराखंड लेकर जाने की बात कहकर बार्डर पर छोड़कर उत्तराखंड जाने का पैदल रास्ता दिखा रहे हैं। हालांकि सोमवार तक ये टेंपो बार्डर के पास से रेलवे क्रॉसिंग को पार करके उत्तराखंड जाने वाले लिंक मार्ग से भंगा गांव के जरिये उत्तराखंड के किच्छा तक सवारियों को पहुंचा रहे थे। मगर मंगलवार से यहां सख्ती कर प्रवेश बंद कर दिया गया है।

उत्तराखंड के लिंक मार्गों पर अब भी वसूली

उत्तराखंड में जाने वालों ने मुख्य मार्ग के बार्डर पर सख्ती होने के बाद लोगों ने टांडाछंगा, उत्तमनगर, कठंगरी, अमरिया सितारगंज लिंक रोड, मनुआपट्टी रुद्रपुर लिंक मार्गों से चार पहिया वाहन लेकर गुजरना शुरू कर किया है। इस पर इन गांव में रहने वाले दंबंगों ने गांव में इंट्री पर वसूली चालू कर दी। इसकी शिकायत कुछ लोगों की लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने इस शिकायत को अनदेखा कर दिया।

राहगीरों की बात..

उत्तराखंड के बार्डर तक पहुंचाने के नाम पर जमकर लुटाई हो रही है। बार्डर पर धक्के खाकर जैसे-तैसे उत्तराखंड पहुंचने के बाद जगह-जगह होने वाली चेकिंग ने परेशान करके रखा दिया है। - संजय भंडारी, बरेली

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जब केंद्र सरकार ने बार्डर खोलने के आदेश दे दिए हैं, फिर उत्तराखंड सरकार ने क्यों बंद किया है। बार्डर पर इतनी शर्तें लगा दी हैं कि आम आदमी का सफर ही मुश्किल हो गया है। - योगेश कुमार, आंवला

रोडवेज की बस ने बार्डर तक छोड़ दिया। अब उत्तराखंड पुलिस बगैर ई पास के जाने नहीं दे रही। बड़ी मिन्नतें करने के बाद एक बाइक सवार ने अपने मोबाइल से उनका ई-पास बनाकर दिया। - शाइस्ता बी, शाहजहांपुर
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लिंक मार्ग से रोजाना निकल रहे थे लेकिन अब उसे भी बंद कर दिया है। ई-पास बनाया तो कार में चार से ज्यादा लोगों को नहीं जाने दे रहे हैं। उत्तराखंड पुलिस ज्यादा परेशान कर रही है। प्रेमपाल, बहेड़ी

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