कुदेशिया फाटक से मुठभेड़ के बाद दबोचा, एटीएम उखाड़ने से पहले भी चुराई थी एक कार
बरेली। पुलिस ने प्रेमनगर क्षेत्र में एटीएम उखाड़कर ले जाने की कोशिश में चार बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गैंग अजीबो गरीब अंदाज में वारदात को अंजाम देता था। गैंग पहले कार चुराता था फिर चोरी की कार से एटीएम को बांधकर उसे उखाड़ते थे। आरोपियों के कब्जे से चोरी की सेंट्रो कार भी बरामद हुई है। गैंग का एक सदस्य अब भी हाथ नहीं आ सका है। यह गैंग अब तक दो कार चोरी कर चुका था, जिनमें से एक कार एटीएम उखाड़ने के मामले में इस्तेमाल की गई थी।
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि मंगलवार रात साढ़े आठ बजे सर्विलांस टीम, एसओजी और प्रेमनगर पुलिस ने कुदेशिया फाटक के पास गांधी नगर तिराहे से मुठभेड़ में गौतमबुद्धनगर का आकाश, शेरगढ़ का सचिन गंगवार व विशाल गंगवार और बहेड़ी के वेदप्रकाश को कार समेत गिरफ्तार किया है। तलाशी में उनके पास से तीन तमंचे, चाकू, कारतूस और एटीएम उखाड़ने वाले तार मिले। पूछताछ में सामने आया है कि इस गैंग नेे एटीएम उखाड़कर ले जाने के लिए बड़ी गाड़ी चुराने की योजना बनाई थी। एक अगस्त को देवरनियां से बड़ी गाड़ी चोरी करके उसे ऊधमसिंह नगर में ट्रांजिट कैंप के पास छिपा दिया लेकिन अगले ही दिन पुलिस ने उसे देख लिया और लावारिस में दाखिल कर दिया। इसके बाद 23 अगस्त को इसी गैंग ने सुभाषनगर में बदायूं रोड से एक सफारी कार चोरी की। पांच सितंबर को इसी कार से कोहाड़ापीर के पास एचडीएफसी बैंक का एटीएम उखाड़ लिया। मशीन को लादने के दौरान ही सायरन बजाती चीता मोबाइल पहुंची तो एटीएम को छोड़कर भाग गए। कुछ दूर जाने के बाद सफारी को छोड़ दिया और वहां खड़ी अपने साथी मोनू की सेंट्रो कार से भाग निकले। प्रेस कांफ्रेंस में एसपी सिटी रविंद्र सिंह, एसपी क्राइम सुशील कुमार, सीओ सिटी दिलीप सिंह, इंस्पेक्टर प्रेमनगर बलवीर सिंह, सर्विलांस टीम के इंचार्ज जावेद खान, अब्बास हैदर, श्याम सिंह, गिरीश जोशी आदि मौजूद रहे।
शेरगढ़ के विशाल ने रची थी साजिश
पुलिस के मुताबिक चारों बदमाश आकाश, सचिन गंगवार, विशाल गंगवार और वेदप्रकाश रुद्रपुर की फैक्टरी में काम करते थे। चारों की उम्र 25 साल के आसपास है। घटना का मास्टरमाइंड शेरगढ़ का विशाल है और एटीएम मशीन चोरी की इनकी पहली घटना थी। पहले यह गैंग सिर्फ चोरी और लूट करता था लेकिन बड़ा हाथ मारने के लिए विशाल ने एटीएम चोरी करने की योजना बनाई। घटना के समय एटीएम में करीब 16 लाख रुपये थे। घटना का एक अन्य आरोपी सेंट्रो कार का मालिक मोनू अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।