फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: कोरोना को लेकर उड़ी तरह-तरह की अफवाहें, रात में उठकर अचानक थाली बजाने लगे लोग

Mon, 23 Mar 2020 01:51 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
अफवाह के चक्कर में रात भर जागे लोग - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

जनता कर्फ्यू के दिन शाम पांच बजे प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से थाली या ताली बजाकर कोरोना वायरस से लड़ रहे डॉक्टरों, पुलिसकर्मियों और तमाम लोगों को सम्मान देने की अपील की थी, लेकिन इसके बाद उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर एक विचित्र अफवाह उड़ रही है। कई इलाकों में रविवार को अफवाह उड़ी कि रात तीन बजे उठकर थाली या ताली बजाना है और जो ऐसा नहीं करेगा वह पत्थर का हो जाएगा।

विज्ञापन


मथुरा में ऐसी अफवाह के बाद देहात क्षेत्रों में लोग घरों से बाहर निकल आए और रात भर जगार हुई। रविवार देर रात देहात में यह अफवाह उड़ी और फोन से एक दूसरे पर फैलती गई। बाह, पिनाहट, फतेहाबाद सहित आगरा देहात में लोग परिवार सहित न केवल जाग गए बल्कि घरों के बाहर खड़े रहे।

वहीं हाफिजगंज में तड़के चार बजे से लोगों के घर में फोन बजने शुरू हो गए। अफवाह फैली कि सबलोगों को एक साथ शंख व थाली बजानी है और जो सोता रह गया वह पत्थर का हो जाएगा। इससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग उठकर तुरंत शंख व थाली बजाने लगे। 
विज्ञापन


कई लोगों ने तो अपने घरों के दरवाजों पर हल्दी के थापे लगाने शुरू कर दिए। अफवाह के चलते एक व्यक्ति की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे निजी डॉक्टर के पास भेजकर इलाज करवाया गया।

इसके अलावा लखीमपुर खीरी से सटे नेपाल बॉर्डर सिथत सम्पूर्णानगर में अफवाह फैली कि सभी महिलाओं को मंदिर जाकर कुएं में पानी डालना है। जिसके जितने बच्चे हैं उसे उतनी बाल्टी भर कर पानी डालना होगा।

विज्ञापन

इसके बाद रात में ही दर्जनों महिलाएं मंदिर पहुंच गईं। उन्होंने नल से भरकर कुएं में पानी डालना शुरू कर दिया। देर रात कर महिलाएं पानी भरती रहीं और कुएं में डालती रहीं। अफवाहों को मानने वाले लोगों का कहना है कि ऐसा करने से वो कोरोना वायरस से बच जाएंगे।

आपको बता दें कि जनता कर्फ्यू के दिन थाली और ताली बजाने का मतलब सांकेतिक रूप से केवल यह दर्शाना था कि कोरोना वायरस जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी डॉक्टर, नर्स और अस्पताल कर्मचारी जैसे लोग, जो लगातार डटे हुए हैं हम उनके साथ हैं। कोरोना वायरस का इन अफवाहों से कोई संबंध नहीं है।

ऐसे समय में सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करें, ज्यादा से ज्यादा अपने घरों में रहें और किसी भी फिजूल की अफवाह से बचने की कोशिश करें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें