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Bareilly News: अटूट आस्था...पीढ़ी-दर-पीढ़ी निभा रहे कांवड़ की परंपरा

Sun, 02 Aug 2026 01:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
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बरेली। सावन में शिवभक्ति का रंग गहराने लगा है। शहर में हर-हर महादेव का उद्घोष गूंज रहा है। कुछ श्रद्धालु ऐसे भी हैं, जिनके लिए कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन का अटूट संकल्प बन चुकी है। प्रेमनगर निवासी प्रवीण अग्रवाल 38 वर्षों से गोमुख से जल लाकर गोला में भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। राम वाटिका निवासी अंकुर रस्तोगी ने पिता से प्रेरणा लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की। वह 10 वर्षों से कांवड़ ला रहे हैं।
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38 वर्षों से गोमुख का जल चढ़ा रहे प्रवीण

प्रवीण अग्रवाल बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 1988 में पहली बार गोमुख से कांवड़ लाने का संकल्प लिया था। तब से आज तक उन्होंने इस परंपरा को टूटने नहीं दिया। हर वर्ष कठिन पर्वतीय मार्ग और लंबी यात्रा के बावजूद वे पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ गोमुख से पवित्र गंगाजल लेकर गोला पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। प्रवीण ने बताया कि उनके बेटे समक्क्ष अग्रवाल भी दो बार से लगातार कावंड़ ला रहे हैं।
दस साल पहले फूटा आस्था का अंकुर


राम वाटिका निवासी अंकुर रस्तोगी के परिवार में भी शिवभक्ति की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। बचपन में पिता सुशील रस्तोगी को कांवड़ यात्रा करते देख उनके मन में भी शिवभक्ति की भावना जागी। पिछले दस वर्षों से वह स्वयं कांवड़ लाकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर रहे हैं। उनका कहना है कि कांवड़ यात्रा ने उन्हें अनुशासन, सेवा और श्रद्धा का संदेश दिया है और वह आगे भी इस परंपरा को निरंतर निभाते रहेंगे।
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