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अनदेखी पड़ सकती है भारी, विदेश से लौटे 3000 लोग लापता

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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : प्रतीकात्मक फोटो
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बीते दिसंबर से मार्च के पहले सप्ताह तक तीन हजार लोग विदेशोें की सैर कर वापस आए हैं बरेली

बरेली। विदेशों की सैर कर वापस लौटे लोगों से कोरोना संक्रमण का खतरा है। बीते दो माह में विदेशों की सैर कर क रीब तीन हजार लोग बरेली वापस लौटे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के पास महज 182 लोगों की सूची है। इनमें भी अब तक 158 लोगों को ही ट्रेस किया गया है। 24 लोग अभी भी प्रशासन की नजर से दूर हैं।
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ट्रेवल एजेंसी ऑपरेटर के मुताबिक, बीते दिसंबर से मार्च के पहले हफ्ते तक तकरीबन तीन हजार लोग विदेशों की यात्रा कर लौटे हैं। ये लोग चीन, सिंगापुर, दुबई, हांगकांग, मलयेशिया, इटली, नेपाल, इंग्लैंड, फ्रांस, थाईलैंड, जर्मनी, टर्की, अमेरिका, मेक्सिको, स्पेन आदि देशों की सैर पर गए थे। उनके मुताबिक, मार्च के पहले हफ्ते में भारत में विदेश से लौटे एक युवक का सैंपल कोरोना पॉजीटिव मिला था। इसके बाद बुकिंग कैंसिल कराने का सिलसिला शुरू हुआ। हालांकि, तब तक बड़ी तादाद में लोग विदेशों से वापस लौट चुके थे। बरेली मंडल के आंकड़ों पर गौर करें तो करीब सात हजार लोग विदेश से घूमकर वापस आए हैं। ट्रेवेल एजेंसियों के दावे को नकारते हुए स्वास्थ्य विभाग शासन की ओर से जारी हो रही सूची में दर्ज लोगों का ही सैंपल लेने में जुटा है। उन्होंने इस सूची के अलावा अन्य किसी का भी सैंपल लेने से साफ इनकार कर दिया है।

चिंता: कहीं बीमार न कर दें पड़ोसी

स्वास्थ्य विभाग की ओर से विदेश से लौटे लोगों का सैंपल नहीं लेने पर शहरवासी दहशत में हैं। सजग नागरिक होने के चलते शहर को कोरोना के प्रभाव से बचाने के लिए वे लगातार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को कॉल कर विदेश से लौटे लोगों को सूचना दे रहे हैं, मगर अब तक एक भी सैंपल नहीं लिया गया है और न ही उन्हें क्वारंटीन किया गया है।

यहां रह रहे हैं विदेश से लौटे लोग

ट्रेवेल एजेंसी ऑपरेटर के मुताबिक पीलीभीत बाईपास स्थित कॉलोनी, डेलापीर, राजेंद्र नगर, मॉडल टाउन, सिविल लाइंस में सर्वाधिक लोग पिछले दिनों विदेशों की सैर कर वापस आए हैं। उनका कहना है कि अगर स्वास्थ्य विभाग या प्रशासन उनसे इन लोगों की सूची मांगता तो देशहित में वह सूची जरूर उपलब्ध करा देते। हैरत यह कि अब तक किसी ने भी ट्रेवेल एजेंसियों से विदेश से लौटे लोगों की जानकारी नहीं ली है।
‘शासनादेश के तहत सैंपल सिर्फ उन्हीं लोगों के लिए जा सकते हैं, जिनकी सूची शासन की ओर से मुहैया कराई जा रही है। अभी तक उन्होंने 182 लोगों की सूची दी है, उनमें से ज्यादातर निगरानी में हैं। इससे इतर दवाब, सिफारिश के चलते अन्य किसी का सैंपल नहीं लिया जा सकता है।’
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- डॉ. विनीत शुक्ला, सीएमओ
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