तेजी से बदल रहा भारत
सेंट्रल यूपी चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा कि भारत तेजी से बदल रहा है। नए भारत का निर्माण होने लगा है। चीन से प्रतिद्वंदिता बढ़ी है, पर अच्छी बात यह है कि अमेरिका साथ आ रहा है। ऑस्ट्रेलिया के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हो चुकी है। यूके से बात चल रही है। सरकार निर्यात को प्रोत्साहन दे रही है। आयात को हतोत्साहित किया जा रहा है।
प्रमुख उद्यमी डॉ. घनश्याम खंडेलवाल ने कहा कि एमएसएमई क प्रोत्साहन देकर जैसे विश्व बाजार में चीन छा गया, वैसे ही आने वाले दिनों में हम लोग भी छा जाएंगे। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के प्रयास इसी ओर इशारा कर रहे हैं। उद्यमी डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि स्टार्टअप के लिए बजट अच्छा है। परिचर्चा में शेरू जुनेजा, जय देवनानी, दीपक मलिक, राजीव आनंद, अमन खंडेलवाल, आशीष सिंघल, असित माहेश्वरी आदि ने भाग लिया।
उद्यमी डॉ. घनश्माय खंडेलवाल ने कहा कि इंपोर्ट कम करने और एक्सपोर्ट बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। अब तकनीक का सहयोग लेकर सरकार कर चोरी को बिल्कुल बंद करने जा रही है। उद्यमियों को यह बात समझ लेनी चाहिए। सरकार की मंशा के अनुरूप ही आगे बढ़ें।
सीए रविंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि 10 वर्ष में ऐसा बजट नहीं आया। कैपिटल गेन की छूट की सीमा अधिकतम 10 करोड़ कर दी गई है। रिटर्न समय पर भरने पर जोर है। सरकार की मंशा है कि लोग छोटी बचत योजनाओं की ओर न जाएं।
सीए विनय अग्रवाल ने कहा कि बजट को अगले 25 वर्ष का ब्लू प्रिंट कहा गया है। कई ऐसे कार्यों का प्रावधान है जिसका आने वाले दिनों में इंडस्ट्री को फायदा मिलेगा। सेंट्रल डेटा प्रोसेसिंग सेंटर बनाए जाने का लाभ मिलेगा। मेरी नजर में बजट में सबके लिए कुछ न कुछ है।
परिचर्चा की खास बातें
- एमएसएमई से खरीदे गए माल का भुगतान अगले वित्तीय वर्ष पर टालें।
- इंडस्ट्री के लिए बनाए गए सरकार नियमों का पालन करने के लिए अलग से एक कर्मचारी रखें।
- पांच लाख रुपये से अधिक प्रीमियम वाली बीमा पॉलिसी लेना अब नहीं रहा अधिक फायदेमंद।
- ऑटो इंडस्ट्री में बूम आएगा, टूरिज्म बढ़ने से नए अवसर खुलेंगे।
- सरकार निर्यात को बढ़ाएगी और आयात को घटाएगी, जिससे उद्योग के लिए नए अवसर मिलने की उम्मीद।
- लाखों रुपये टीडीएस अब बट्टे खाते में नहीं जाएंगे। रिफंड के लिए मिलेगा 24 महीने का समय।
- स्पेशल ऑडिय कराए जाने से थोड़ी सी असुविधा रहेगी, सरकार को अपने रेवन्यू की ज्यादा चिंता
- नंबर एक के कारोबार को मिलेगा विस्तार, सरकारी योजनाओं के सहयोग से बढ़ सकेंगे आगे