फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीफ ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे बिजली निगम के अवर अभियंता

विज्ञापन
धरना देते बिजली कर्मी।
विज्ञापन
सहायक अभियंता के अवर अभियंता से मारपीट करने को लेकर खफा हैं जेई
विज्ञापन

बरेली। बिजली निगम के सहायक अभियंता के अवर अभियंता से मारपीट करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आश्वासन के बाद भी सहायक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज अवर अभियंता बृहस्पतिवार को चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। जेई संगठन का आरोप है कि चीफ इंजीनियर और दूसरे अधिकारी सहायक अभियंता का बचाव कर रहे हैं।
धरने पर बैठने से पहले अवर अभियंता इकट्ठे होकर चीफ इंजीनियर संजय जैन से मिलने पहुंचे। अवर अभियंताओं का कहना है कि उन्होंने चीफ इंजीनियर से पूछा कि इतने दिनों से चल मामले की जांच अब तक किसी निष्कर्ष पर क्यों नहीं पहुंची है, लेकिन चीफ इंजीनियर ने इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कार्रवाई न होने से नाराज जेई चीफ ऑफिस के बाहर ही दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन

जेई संगठन के पदाधिकारियों ने बताया दिव्यांग होने के बाद भी अवर अभियंता को मारापीटा गया। यह घटना बताती है कि विभाग में किस कदर निरंकुशता है। घटना को एक सप्ताह से ज्यादा समय होने के बाद भी अब तक जांच के नाम पर गुमराह किया जा रहा है। इस घटना से दूसरे अवर अभियंताओं में डर का माहौल है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया मामले में जल्द कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र यादव, मंजीत सिंह, आलोक प्रजापति, जितेंद्र, सुल्तान आलम समेत कई अवर अभियंता मौजूद रहे।
फाल्ट ठीक करने के दौरान हुआ था विवाद
रजऊ परसपुर इंडस्ट्रियल एरिया में फॉल्ट ठीक करने के दौरान एई विशाल गौतम और जेई ओमप्रकाश के बीच विवाद हुआ था। एई का आरोप था कि काम पूरा होने से पहले ही जेई ने सप्लाई चालू करने के लिए सबस्टेशन फोन कर दिया। इसे लेकर दोनों के बीच मारपीट हुई थी। जेई ने एई पर पत्थर उठाकर मारने का आरोप लगाया था। बाद में सहायक अभियंता जेई को मौके पर अकेला छोड़कर चले आए। घटना की सूचना पर अधिशासी अभियंता यूसी सोनकर रात में अपनी गाड़ी से जेई को लेकर आए थे।
काम पूरा होने से पहले ही बिजली सप्लाई चालू कराने का प्रयास कर जेई ने जान से मारने की कोशिश की थी। मारपीट करने का आरोप निराधार है। घटना की जांच चल रही होने के बावजूद धरना-प्रदर्शन कर झूठ को सच बनाने की मुहिम चलाई जा रही है। - विशाल गौतम, सहायक अभियंता
विज्ञापन

घटना की जांच कराई जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी को बचाने या किसी का पक्ष लेने का आरोप गलत है। अभद्रता का हक किसी को नहीं है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। - अशोक चौरसिया, अधीक्षण अभियंता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें