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यूनानी मेडिकल कॉलेज : 113 करोड़ का भवन, बिजली कनेक्शन के लिए 6.7 करोड़ नहीं

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बरेली। हजियापुर में 113 करोड़ की लागत से बनाए गए मेडिकल कॉलेज के भवन में बिजली कनेक्शन के लिए 6.7 करोड़ रुपये न मिलने से मेडिकल कॉलेज का संचालन फंस गया है। अब पूरा मामला शासन स्तर पर अटका है। लोक निर्माण विभाग को बजट का इंतजार है तो यूनानी चिकित्सा विभाग को यूनानी पद्धति से इलाज और पढ़ाई के लिए इमारत मिलने का।
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यूनानी मेडिकल कॉलेज का निर्माण अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट से मंजूर हुआ था। लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर तैयार की। डीपीआर में मौके पर पड़े कूड़े का निस्तारण करने और बिजली कनेक्शन के लिए कोई प्रावधान नहीं था। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने 6.7 करोड़ का एस्टीमेट दिया तो लोक निर्माण विभाग ने डीपीआर से अधिक बजट मांगा।
इस पर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बजट देने से इन्कार किया। मामला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के निदेशक से लेकर प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग तक पहुंचा। अब यह सवाल और पूछा जा रहा है कि बिजली कनेक्शन को डीपीआर में क्यों नहीं शामिल किया गया? इसका जवाब लोक निर्माण विभाग के अभियंता नहीं दे पाए। बार- बार पत्र लिखने के बाद भी लोक निर्माण विभाग को कनेक्शन के लिए बजट मिला।
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लोक निर्माण विभाग भवन खंड के अधिशासी अभियंता शशांक भार्गव ने बताया कि डीपीआर के हिसाब से 113 करोड़ रुपये मिल गए हैं, लेकिन कूड़ा निस्तारण और बिजली कनेक्शन के लिए रुपये नहीं मिले हैं। जिस ठेकेदार ने कूड़े का निस्तारण कराया अब वह भी करीब चार करोड़ रुपये के भुगतान के लिए भटक रहा है।

बनना है नया फीडर मेडिकल कॉलेज को बिजली आपूर्ति देने के लिए यहां हाईटेंशन लाइन का नया फीडर बनना है। ट्रांसफार्मर लगाने के साथ कई अन्य काम भी होने हैं। इसके लिए ही बिजली निगम ने 6.7 करोड़ रुपये मांगे हैं। अमर उजाला ब्यूरो
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