बरेली में एमबी एक्ट के 12 हजार से ज्यादा चालान लंबित
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लोक अदालत में भी सिर्फ 31 मामलों का ही हुआ निस्तारण
बरेली। ऑनलाइन काटे गए चालान का जुर्माना परिवहन विभाग नहीं वसूल पा रहा। बरेली में एमबी एक्ट के 12502 चालान लंबित हैं। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में भी इनमें से महज 31 मामलों का ही निस्तारण नहीं हो सका।
चालान वादों की बढ़ती संख्या से परिवहन विभाग की परेशानी भी बढ़ने लगी है। लोक अदालत के आयोजन से पहले परिवहन आयुक्त ने ज्यादा से ज्यादा वादों का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। परिवहन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ई-चालान का जुर्माना कार्यालय में जमा न होने का सबसे बड़ा कारण चालान का मेसेज वाहन स्वामी तक न पहुंचना है। बीते दिनों कई ऐसे मामले सामने आये थे, जिनमें ऑनलाइन चालान कटने की वाहन स्वामी को कई महीनों तक जानकारी ही नहीं हुई। लंबे समय बाद जब गाड़ी की फिटनेस या रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर कराने को जब वह व्यक्ति कार्यालय पहुंचा तो जानकारी हुई कि गाड़ी के तीन से चार चालान कट चुके हैं। चालान की फीस जमा न होने तक गाड़ी का रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर नहीं हो पाता है। जिले में अधिकांश वाहनों के रजिस्ट्रेशन में गलत मोबाइल नंबर दर्ज हैं। इस वजह से वाहन स्वामी को ऑनलाइन चालान कटने पर मेसेज ही नहीं मिल पाता है।
हजारों वाहनों का एक ही मोबाइल नंबर
जिले में 2017 से पहले पंजीकृत हजारों वाहनों के रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र में 9999999999 मोबाइल नंबर दर्ज है। कार्यालय के बाहर डेरा जमाए बैठे रहने वाले दलालों ने भी कई गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र में अपना मोबाइल नंबर डाल रखा है। गलत मोबाइल नंबर पड़ा होने की वजह से ई-चालान का मेसेज वाहन स्वामी तक नहीं पहुंच पाता है।
ई-चालान के लंबित मामले निपटाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जुर्माना जमा न होने का सबसे बड़ा कारण चालान का मेसेज वाहन स्वामी तक न पहुंचना है। इस समस्या को दूर करने के लिए मोबाइल नंबर अपडेट किए जा रहे हैं। - जेपी गुप्ता, एआरटीओ प्रवर्तन