पुलिस को सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश
बरेली जेल में बिना पर्ची अवैध तरीके से अशरफ से उसके गुर्गों की मुलाकात कराई जाती थी। इस मामले को लेकर बिथरी चैनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। जेल के सिपाही समेत चार लोगों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद पुलिस और एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य सद्दाम की गिरफ्तारी है।
सद्दाम 26 दिसंबर के बाद से बरेली नहीं आया, लेकिन उसके गुर्गे लगातार अशरफ से मिलते रहे। इसमें बारादरी क्षेत्र का निवासी लल्ला गद्दी भी शामिल है। सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में पुलिस से लेकर एसटीएफ और अन्य एजेंसियां भी जुटी हैं।
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अतीक अहमद को गद्दी समाज के बड़े नेता के रूप में जाना जाता है। अतीक के भाई अशरफ से जुड़कर लल्ला ने कमाई तो की ही, वह स्थानीय गद्दी समाज के नेता के रूप में स्थापित होना भी चाहता था। लल्ला गद्दी पहले एक पार्टी से मेयर का चुनाव लड़ चुका है। इस बार सपा से मेयर का टिकट मांग रहा था।
लल्ला गद्दी के खिलाफ बारादरी थाने में छेडछाड़, पॉक्सो एक्ट और मारपीट जैसे मुकदमे पहले दर्ज हो चुके हैं। उसने अपने भी कई गुर्गे बना रखे थे। इनमें से अधिकांश युवक गद्दी समाज से हैं। इन्हें लल्ला ने अशरफ से मिलवाकर शहर में अपना राजनैतिक रसूख बढ़ाया था। लल्ला गद्दी की गिरफ्तारी के बाद अशरफ के कई और मददगार बेनकाब हो सकते हैं।