फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Umesh Murder: साबरमती जेल में प्लान, 11 फरवरी को असद समेत 9 लोगों ने अशरफ से मिलकर दिया अंतिम रूप, 24 को मर्डर

Fri, 17 Mar 2023 10:26 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

उमेश पाल की हत्या की योजना साबरमती जेल गुजरात और बरेली की जिला जेल में बनाई गई थी। 11 फरवरी को नौ लोगों ने यहां बंद पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ से मुलाकात की थी। 
विज्ञापन
Umesh Pal Murder Case - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और शूटरों समेत नौ लोगों ने 11 फरवरी को अशरफ से जिला जेल में मुलाकात कर उमेश पाल की हत्या की योजना बनाई थी। सीसीटीवी फुटेज से फिलहाल चार लोगों की पहचान एसआईटी ने कर ली है।
विज्ञापन


उमेश पाल की हत्या की योजना साबरमती जेल गुजरात और बरेली की जिला जेल में बनाई गई थी। 11 फरवरी को नौ लोगों ने यहां बंद पूर्व विधायक खालिद अजीम उर्फ अशरफ से मुलाकात की थी। हालांकि, यहां के अधिकारी लगातार इस बात से इन्कार कर रहे थे। 

मीडिया रिपोर्ट्स और प्रयागराज से मिले इनपुट के आधार पर तत्कालीन एसएसपी अखिलेश चौरसिया ने सीओ थ्री के नेतृत्व में एसआईटी गठित कर मामले की जांच शुरू कराई तो मामला परत दर परत खुलता चला गया।
विज्ञापन


जेल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर एसआईटी उन लोगों को चिह्नित करने में जुटी है, जो अशरफ से मिलने आते थे। खासतौर से योजना को अंतिम रूप देने के लिए 11 फरवरी को होने वाली मुलाकात अहम है। इस दिन नौ लोगों ने अशरफ से मुलाकात की थी। 

फुटेज को बरेली पुलिस के साथ ही प्रयागराज पुलिस को भी भेजकर पता कराया गया। जांच में जिन लोगों के चेहरे पहचान में आए हैं, उनमें अतीक का बेटा असद शामिल है जो उमेश की हत्या करने वाले शूटरों के गैंग की अगुवाई कर रहा था। साथ ही उस्मान उर्फ विजय चौधरी, अरमान और गुलाम के नाम शामिल हैं।

ठिकाने की भी हो रही तलाश
एसआईटी यह भी जानकारी जुटा रही है कि 11 फरवरी को दोपहर एक बजे जेल में अशरफ से मुलाकात करने वाले शूटर और करीबी आखिर कहां ठहरे थे और कहां खाना खाया था। माना जा रहा है कि ये लोग रात में ही बरेली आ गए होंगे और कहीं सुरक्षित जगह पर रुके होंगे। बड़ा बाईपास के ढाबों पर इनके भोजन करने की भी चर्चा है, जिसकी पुष्टि के लिए टीमें कोशिश कर रही हैं। यह पुष्ट हो चुका है कि उस दिन तीन कारों से ये लोग आए थे और दो से ढाई घंटा जेल में अशरफ से मिले थे।

 

जेल में एसआईटी की जांच जारी, अधीक्षक के खिलाफ और साक्ष्य मिले
जेल अधिकारियों और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच की जा रही है। बृहस्पतिवार को जिला जेल में पहुंचकर एसआईटी ने फिर जांच की। जेल अधीक्षक पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है। उनके खिलाफ कुछ और साक्ष्य टीम को मिले हैं। हालांकि वह खुद को पाक-साफ दिखाने की कोशिश में लगे हैं और शिवहरि व मनोज गौड़ जैसे छोटे कर्मचारियों पर ही सारा ठीकरा फोड़ रहे हैं।

यह भी पढ़ें: Umesh Murder: अतीक ने गुर्गे से कहा था- 'उमेश की मुखबिरी तुम ही करोगे, नहीं तो उसके साथ तुम्हें भी मरवा देंगे'
 

एसआईटी कई बिंदुओं पर जांच कर रही है। हमारा ज्यादा फोकस आर्थिक और तकनीकी जुड़ाव पर है। आरोपियों से लोकसेवकों का इस तरह का जुड़ाव मिलने पर मुकदमे और गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। किसी को बेवजह परेशान नहीं किया जाएगा। - आशीष प्रताप सिंह, एसआईटी प्रभारी

विज्ञापन

लल्ला को गिरफ्तार करने के प्रयास में पुलिस, नहीं दाखिल की रिपोर्ट
जेल में अशरफ से मुलाकात कराने के आरोपी लल्ला गद्दी और सद्दाम की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। लल्ला की समर्पण की अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होनी थी, पर बिथरी पुलिस ने रिपोर्ट ही दाखिल नहीं की। अब 21 मार्च को मामले की सुनवाई होगी। एसपी सिटी राहुल भाटी ने बताया कि एसआईटी समेत छह पुलिस टीमें, एसओजी और एसटीएफ लल्ला और सद्दाम की गिरफ्तारी में लगी हैं। जल्दी ही दोनों को पकड़ लिया जाएगा। सद्दाम की भी तलाश चल रही है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें