साले सद्दाम को बचाने के लिए अशरफ ने चली थी चाल
जेल में बंद पूर्व विधायक अशरफ ने पुरानी घटनाओं की तर्ज पर अपने साले सद्दाम को बचाने के लिए पहले ही तानाबाना बुना था। दरअसल, जिस दिन अतीक का बेटा असद चाचा अशरफ से मिलने बरेली आया था, उस दिन सद्दाम की लोकेशन दिल्ली में मिली है। वहीं जिस दिन उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम दिया गया, उस दिन भी सद्दाम दिल्ली में था। ऐसे में गिरफ्तारी कोर्ट में सद्दाम को इन तकनीकी बिंदुओं का लाभ मिल सकता है।
पहले दी ढील, अब गिरफ्तारी में छूट रहा पसीना
बरेली जिला जेल में अशरफ से मुलाकात कराने और सहूलियत दिलाने में नामजद सद्दाम और लल्ला गद्दी की तलाश में आठ टीमें जुटी हैं। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद बरेली में अशरफ के गुर्गे एजेंसियों के रडार पर आ गए थे। पहले अफसरों ने लल्ला गद्दी व उसके जैसे छुटभैयों को इसलिए ढील दी ताकि उनके आका और नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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अब माहौल सख्त होते ही आरोपी भूमिगत हो गए हैं। जैसे ही लल्ला गद्दी को मुकदमा दर्ज होने की भनक लगी, वह परिवार समेत फरार हो गया। अब सर्विलांस से भी उसकी लोकेशन नहीं मिल रही।
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उसने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर लिए हैं। पुलिस की छह टीमें, एसटीएफ और एसओजी उसके पीछे पड़ी हैं। डर से उसके करीबी भी शहर छोड़कर भाग गए हैं। लल्ला गद्दी के हाथ आते ही कई राज सामने आ सकते हैं।