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उर्स-ए-ताजुश्शरिया: बरेली में उलमा ने दिया संदेश... दीनी और दुनियावी दोनों तालीम जरूरी

Fri, 17 May 2024 10:48 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

उर्स-ए-ताजुश्शरिया के कुल में हजारों की तादाद में जायरीन उमड़े। इस मौके पर उलमा ने शिक्षा को लेकर संदेश दिया। काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने कहा कि दीनी और दुनियावी, दोनों तालीम जरूरी है। इसी से खुद को और हालात को बदला जा सकता है।
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उर्स-ए-ताजुश्शरिया के कुल में उमड़े जायरीन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली के मथुरापुर स्थित जमीयतुर्रजा में उर्स-ए-ताजुश्शरिया के कुल में उमड़े जायरीन के बीच मंच से बच्चों की शिक्षा को लेकर संदेश दिया गया। जलसे की सदारत करते हुए काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी ने कहा कि दीनी और दुनियावी, दोनों तालीम जरूरी है। इसी से खुद को और हालात को बदला जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने गरीबों की मदद करने का आह्वान करते हुए मुसलमानों से समाज को अमन की राह दिखाने की अपील की।

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काजी-ए-हिंदुस्तान ने कहा कि खुद परेशानी उठाएं, जरूरत पड़ने पर एक रोटी कम खाएं, लेकिन बच्चों को तालीम जरूर दिलाएं। कौम के संपन्न लोगों से गरीबों के बच्चों को तालीम दिलाने में सहयोग करने की अपील की। मुफ्ती शहजाद आलम मिस्बाही ने ताजुश्शरिया की जिंदगी पर रोशनी डाली। मौलाना गुलजार रजवी ने जलसे की निजामत की। उलमा के खिताब के बाद कुल शरीफ की रस्म शाम 7.15 बजे अदा की गई। 

कुल शरीफ की रस्म में शिरकत करने के लिए हुजूम उमड़ा था। यह कार्यक्रम उर्स प्रभारी सलमान हसन खान और जमात रजा के महासचिव फरमान हसन खान की देखरेख में संपन्न हुआ। उर्स के दौरान हाफिज इकराम, मुहम्मद दानिश, डॉ. मेहंदी हसन, शमीम अहमद, मोईन खान, नूर मुहम्मद, अरशद खां, मौलाना शम्स आदि मौजूद रहे।

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आरएसी मुख्यालय पर भी सजाई महफिल
ऑल इंडिया रजा एक्शन कमेटी (आरएसी) के मुख्यालय बैतुर्रजा में ताजुश्शरिया के उर्स की महफिल सजाई गई।आरएसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अदनान रजा कादरी ने हुजूर ताजुश्शरिया के जीवन पर रोशनी डाली। तकरीर अफरोज रजा कादरी की सरपरस्ती और मौलाना अदनान रजा की सदारत में हुई। आरएसी की टीमों ने दरगाह ताजुश्शरिया पहुंचकर चादरपोशी की। शाम को कुल शरीफ की फातेहा के बाद दुआ की गई।

अपने दौर में हक की सबसे मजबूत आवाज थे ताजुश्शरिया : अय्यूब 
दरगाह आला हजरत पर ताजुश्शरिया मुफ्ती अख्तर रजा कादरी का उर्स दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हानी मियां की सरपरस्ती व सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी की सदारत में मनाया गया। इसमें मुफ्ती अय्यूब खान नूरी ने कहा कि अपने दौर में हक की सबसे मजबूत आवाज का नाम ताजुश्शरिया है। उन्होंनें ताउम्र नबी-ए-करीम के बताए रास्ते पर चलते हुए मजहब व मसलक की खिदमात की। दूसरे उलमा ने भी उनके जीवन पर रोशनी डाली। शाम सात बजे फातिहा के बाद सज्जादानशीन ने दुआ की। निजामत कारी इरशादुल कादरी ने की। 

बेटियों को करें पर्दे की ताकीद : अहसन मियां
सज्जादानशीन अहसन मियां ने कहा कि पर्दा इस्लाम का अहम हिस्सा है। हम बहन-बेटियों को इसकी ताकीद करें। जो बच्चियां स्कूल-कॉलेज में पढ़ती हैं, उनकी तालीम का वही तरीका अख्तियार करें जो शरीयत की नजर में जायज हो। बच्चियों का खास ख्याल रखें। बेटियों को दहेज नहीं, विरासत में हिस्सा दें। दरगाह स्थित काशाना-ए-नूरी में भी ट्रस्ट के अध्यक्ष अल्लामा मोहतशिम रजा खान की सरपरस्ती में महफिल सजाई गई। कुल शरीफ की रस्म के बाद दुआ की गई। मोहतशिम मियां ने हुजूर नबी-ए-करीम और साहबा इकराम के तबर्रुकात की जियारत कराई। 
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दरगाह पर की चादरपोशी
दरगाह शाहदाना वली वेलफेयर सोसाइटी की ओर से मुतवल्ली अब्दुल वाजिद खां नूरी की सरपरस्ती में चादर पेश कर गुलपोशी की गई। काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी को उर्स की मुबारक दी गई। इधर, समाजवादी अल्पसंख्यक सभा की ओर से जिलाध्यक्ष असलम खान के नेतृत्व में चादरपोशी कर दुआ मांगी गई।
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