पिता के साथ गए थे खेत पर, खेलने के दौरान गड्ढे में गिरे
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परिजन का आरोप ईंट भट्ठा मालिक की लापरवाही से गई बच्चों की जान
आंवला। कोतवाली इलाके के गांव बीहट में राजेंद्र के साथ खेत पर गए उनके दो बेटे नौ वर्षीय रितेश और छह वर्षीय विशेष की ईंट भट्ठे के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबकर मौत हो गई। बच्चों के पिता का आरोप है कि ईंट भट्ठा मालिक की लापरवाही के चलते उनके बच्चों की जान गई है।
बीहट गांव निवासी राजेंद्र शनिवार की सुबह खेत में चारा काटने गए थे। दोनों बेटे रितेश और विशेष भी जिद करके उनके साथ खेत पर चले गए। खेत में राजेंद्र चारा काटने लगे और बच्चे खेलने लगे। जब राजेंद्र ने चारा काटने का काम पूरा कर लिया और घर जाने की तैयारी की तो बच्चे दिखाई नहीं दिए। उन्होंने सोचा कि दोनों बच्चे घर पहुंच गए होंगे। मगर जब वह घर पहुंचे तो पता चला कि कि बच्चे घर नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद राजेंद्र परिजन के साथ बच्चों की खोजबीन में दोबारा खेत पर पहुंचे। आवाज देकर इधर-उधर ढूंढने के दौरान ही वह पड़ोस के खेत की ओर गए तो वहां बने विशालकाय गड्ढे में दोनों बच्चों के शव उतरा रहे थे।
पिता की भी डूबने से बचा
बच्चों को देखकर जीवित होने की आशंका में राजेंद्र ने गड्ढे में छलांग लगा दी। मगर गड्ढा 10-12 फुट गहरा था और राजेंद्र भी उसमें डूबने गए। यह देखकर अन्य लोगों ने उन्हें और बच्चों को बाहर निकाला। मगर तब तक बच्चों की मौत हो चुकी थी। रोते हुए राजेंद्र ने आरोप लगाया कि पास ही स्थित ईंट भट्ठे के मालिक ने जेसीबी से मिट्टी का उठान कराकर वहां गहरा गड्ढा बना दिया है। इसी वजह से खेत में गहरा तालाब हो गया और उनके दोनों बच्चों की डूबकर मौत हो गई।
दो बेटों की मौत से परिवार में मातम
राजेंद्र के चार बच्चे थे, जिनमें दो बेटियां हैं और वे बेटों से बड़ी हैं। शनिवार को दोनों बेटों की एकसाथ मौत होने से उनके परिवार में मातम छा गया। घटना की सूचना पर आंवला पुलिस भी मौके पर पहुंची और बच्चों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम को भिजवाया।