इसके बाद परिवार वाले डीएम कार्यालय पहुंचे थे और पूरे मामले की शिकायत की थी। डीएम मनोज कुमार ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए महिला के शव का दोबारा पोस्टमार्टम करने का आदेश किया था और मजिस्ट्रेटी जांच के भी आदेश दिए थे। उसी रात दोबारा पैनल में पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें पहला पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की लापरवाही उजागर हुई थी।
मृतका के भाई ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
12 दिसंबर को पूजा के भाई ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। 13 दिसंबर को सिविल लाइंस पुलिस ने डॉ. मोहम्मद उवैस और डॉ. मोहम्मद आरिफ हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस दौरान डीएम ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों का बोर्ड गठित करके भी जांच कराई। हालांकि बोर्ड की जांच रिपोर्ट में किसी जानवर द्वारा आंखें नोचने की बात लिखी गई लेकिन अब इस मामले में मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है।
एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में चल रही जांच में सीओ सिटी आलोक मिश्रा और नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. कुशलपाल सिंह भी शामिल हैं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर और सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। पहला पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर अभी जमानत पर हैं। उन्हें निलंबित भी किया जा चुका है।
एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह ने बताया कि जांच चल रही है। सभी कर्मचारियों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अभी कुछ काम शेष रह गया है, उस पर काम किया जा रहा है। जल्द ही जांच रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी।