फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: अवैध संबंधों के शक में अपहरण के बाद की थी युवक की हत्या, दो दोषियों को उम्रकैद

Tue, 17 Mar 2026 04:29 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली में युवक की हत्या के मामले में दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। कोर्ट ने दोनों पर 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-छह ने अपहरण और हत्या के दोषी फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के गांव रुकुमपुर माधौपुर निवासी चेतराम और मुनीष उर्फ लाखन को सोमवार को आजीवन कारावास व 60-60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।  

विज्ञापन


गांव रुकुमपुर माधौपुर निवासी गंगाराम ने छह जून 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा राहुल खाना खाने के बाद रात साढ़े आठ बजे टहलने निकला था। गांव के चेतराम और मुनीष ने परिवार की महिलाओं से अवैध संबंधों के शक में राहुल का अपहरण कर लिया। इसके बाद उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।

सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से आठ गवाह व साक्ष्य पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने चेतराम और मुनीष को अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

पीड़िता बयान से मुकरी, दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट देवाशीष ने थाना भमोरा क्षेत्र के एक गांव के निवासी अभिजीत को दोषमुक्त करते हुए शुक्रवार को बरी कर दिया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने बयान बदल दिया। दूसरी ओर अभियोजन पक्ष उसे नाबालिग साबित करने में भी नाकाम रहा। 

भमोरा थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने गांव के ही अभिजीत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 14 सितंबर 2016 को उसकी नाबालिग भतीजी को अभिजीत खींचकर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी।  सुनवाई के दौरान प्रति परीक्षा में युवती ने कहा कि अभिजीत ने उसके साथ कोई बुरा काम नहीं किया। उसके ताऊ ने झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

रिपोर्ट दर्ज कराने वाले वादी ने भी कहा कि उसने अभिजीत के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। इस संबंध में वह कई बार अधिकारियों को बता चुका है। पंजीकृत डाक से भी अपनी बात अधिकारियों तक भेज चुका है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अभिजीत को दोषमुक्त करार दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें