बरेली। आंवला स्थित इफको और रामपुर रोड स्थित सुपीरियर इंडस्ट्रीज की ओर से वन क्षेत्र में प्रवाहित किए जा रहे पानी की जांच के तीन-तीन सदस्यों की दो कमेटियां गठित की जाएंगी। डीएम अविनाश सिंह ने सोमवार को कलक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला पर्यावरण, जिला वृक्षारोपण और जिला गंगा समिति की बैठक में क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश नियंत्रण बोर्ड को यह आदेश दिए।
सुपीरियर इंडस्ट्रीज की ओर से वन क्षेत्र में दूषित पानी छोड़े जाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इससे जैव विविधता पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। डीएम ने कहा कि आंवला स्थित इफको संयंत्र से निकलने वाले जल की मात्रा, गुणवत्ता व निस्तारण के लिए अपनाए जा रहे तरीकों और वहां स्थापित एसटीपी की जांच के लिए भी तीन सदस्यों की कमेटी गठित कर विस्तृत जांच कराई जाए।
नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह सुबह छह से नौ बजे तक भ्रमण कर लीगेसी वेस्ट व ठोस अपशिष्ट का गुणवत्तापूर्ण और समय से निस्तारण कराएं। निरीक्षण में खामियां मिलने पर संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। संवाद