सिरौली क्षेत्र में 13 साल पहले गुरगवां स्थित संत साधना कुटी शिवधाम के पुजारी सिया दुलारे पर जानलेवा हमला किया गया। आश्रम में शराब पीने का विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी गई थी। इस मामले में बृहस्पतिवार को फैसला सुनाया गया।
बरेली में पुजारी पर कातिलाना हमला करने के दो दोषियों को अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने उम्रकैद और 80 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो-दो माह अतिरिक्त कारागार में रहना होगा। हमलावरों ने आश्रम में शराब पीने का विरोध करने पर पुजारी को गोली मारी थी।
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सिरौली के गुरगवां स्थित संत साधना कुटी शिवधाम के पुजारी सिया दुलारे ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 25 अप्रैल 2012 की रात 10 बजे वह कुटी में बैठे थे। साथ में गांव के सोमपाल और रघुवीर भी थे। रात 10:10 बजे गांव पचधेर निवासी सत्यवीर, ओमपाल व बदायूं के थाना बिनावर के गांव सुकटिया निवासी गुड्डू बाइक से वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर फायरिंग कर दी। गोली लगने से सिया दुलारे घायल हो गए।
तीनों हमलावर बाइक छोड़कर भाग गए। पुलिस ने विवेचना के बाद जुलाई 2013 में चार्जशीट दाखिल कर दी। गवाहों के बयान और जिरह के दौरान सामने आया कि सत्यवीर, ओमपाल और गुड्डू आश्रम में शराब पीने पहुंचे थे। विरोध करने पर पुजारी पर हमला कर दिया था। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह और 15 साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट ने सत्यवीर और ओमपाल को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। आरोपी गुड्डू की दौरान मुकदमा मौत हो चुकी है।
सिर पर बैट मारकर की थी जान लेने की कोशिश, दोषी को सात साल की कैद
अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) प्रथम रवि कुमार दिवाकर ने सिर पर बैट मारकर जान लेने की कोशिश करने के मामले में दोषी को साल साल की कैद और चार लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना की राशि अदा न करने पर दोषी को दो साल अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
देवरनियां थाने के गांव कठर्रा निवासी फिरोज अख्तर ने 28 अगस्त 2022 को गांव के ही मोहम्मद आरिफ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फिरोज अख्तर का कहना था कि उसका छोटा भाई शहरोज अख्तर शाम पांच बजे गांव के मैदान पर क्रिकेट मैच खेल रहा था। इस दौरान उसका आरिफ से विवाद हो गया।
आरिफ ने शहरोज के सिर पर बैट से प्रहार कर दिया। इससे वह गंभीर घायल हो गया। उसकी एक आंख की रोशनी चली गई। कई महीने तक उसको अस्पताल में रहना पड़ा। विवेचना के बाद पुलिस ने 21 जनवरी 2023 को चार्जशीट दाखिल कर दी। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह और 10 साक्ष्य पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरिफ को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
दोषी का आचरण खेल भावना के विपरीत
फैसला सुनाने के दौरान कोर्ट ने कहा कि दोषी आरिफ का आचरण खेल भावना के विपरीत है। खेल से दो देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनते हैं। दो देशों के बीच क्रिकेट मैच होने पर एक टीम हारती है और दूसरी जीतती है। दोनों टीमें खेल भावना का परिचय देती हैं। जीती हुई टीम के खिलाड़ी हारने वाली टीम के खिलाड़ियों से हाथ मिलाते हैं, लेकिन आरिफ ने जानलेवा हमला कर दिया।